पप्पू यादव ने 'JUSTICE' पट्टी व लाठी से सरकार पर साधा निशाना
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने घायल प्रदर्शनकारी के वेश में संसद पहुँच कर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। उन्होंने पेपर लीक और चंदा चोरी जैसे मुद्दों को उठाया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने संसद सत्र के दौरान एक बार फिर अपने अनोखे प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। वे सिर पर 'JUSTICE' लिखी मेडिकल पट्टी, हाथ में लाठी और घायल प्रदर्शनकारी का वेश धारण कर संसद परिसर पहुंचे। इस वेशभूषा के माध्यम से उन्होंने कथित लाठीचार्ज में घायल हुए प्रदर्शनकारियों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया और सरकार से विभिन्न जनसरोकारों के मुद्दों पर जवाबदेही की मांग की।
संसद परिसर में प्रवेश करते समय सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें मकर द्वार पर कुछ देर के लिए रोका। इस दौरान, सांसद यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों, युवाओं और प्रदर्शनकारियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह आवश्यक है कि सरकार इन ज्वलंत मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे और समाधान की दिशा में कदम उठाए।
कपड़ों पर उठाए गए जनमुद्दे
पप्पू यादव इससे पूर्व भी संसद के भीतर अपनी बात रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते रहे हैं। इस बार उनके परिधानों पर 'NTA भ्रष्टाचार', 'पेपर लीक' और 'चंदा चोरी पर सरकार क्यों मौन' जैसे नारे स्पष्ट रूप से लिखे थे। इन नारों के माध्यम से उन्होंने देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों, और सबसे महत्वपूर्ण, राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता की कमी के मुद्दे को उठाया। यह सीधे तौर पर युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है, जिसकी ओर उन्होंने देश का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश की।
सांसद पप्पू यादव ने इस विरोध के माध्यम से यह भी संकेत दिया कि परीक्षा घोटालों और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों के भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, 'चंदा चोरी' के नारे के ज़रिए उन्होंने राजनीतिक दलों द्वारा प्राप्त चंदे की पारदर्शिता पर सवाल उठाए, जो कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उनका यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन केवल इन नारों तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उस निराशा और आक्रोश का भी प्रतीक था जो देश भर के युवा और नागरिक विभिन्न सरकारी नीतियों और व्यवस्थाओं के प्रति महसूस कर रहे हैं। लाठी और 'JUSTICE' लिखी पट्टी घायल प्रदर्शनकारियों के प्रति उनकी सहानुभूति को दर्शाती थी, जो शायद शांतिपूर्ण विरोध के दौरान सरकारी बल प्रयोग के शिकार हुए थे।
सांसद पप्पू यादव का यह प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन संसद परिसर में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। उनके समर्थकों ने इस कार्रवाई को जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का एक सार्थक प्रयास बताया। उनका मानना था कि इस तरह के अभिनव तरीके ही मीडिया और जनता का ध्यान उन गंभीर मुद्दों की ओर खींच पाते हैं, जिन पर अक्सर मौन साध लिया जाता है। वहीं दूसरी ओर, कुछ अन्य लोगों ने इसे मात्र एक राजनीतिक प्रदर्शन करार दिया, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए सुर्खियां बटोरना था। बहरहाल, इस प्रदर्शन ने निश्चित रूप से देश की वर्तमान जनसरोकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों को फिर से चर्चा में ला दिया है।
