पंजाब सरकार पर भाजपा का हमला: कर्मचारियों के आंदोलन को बताया 'हिटलरशाही'
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद के बजाय दबाव बना रही है, जिसे 'हिटलरशाही' बताया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 2 सितंबर 2026
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राज्य में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चल रहे आंदोलन को लेकर कड़ा प्रहार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर बातचीत से समाधान निकालने के बजाय, उन्हें दबाव में लाने की रणनीति अपना रही है। भाटिया ने सरकार की इस कार्यशैली को 'हिटलरशाही' करार दिया और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया।
गौरव भाटिया ने दावा किया कि पंजाब में लगभग 3 लाख सरकारी कर्मचारी और साढ़े तीन लाख पेंशनभोगी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में सरकारी नौकरियों में नियमितीकरण, बकाया महंगाई भत्ते (DA) का भुगतान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि ये ऐसे मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर कर्मचारियों के आर्थिक भविष्य और उनकी परिवारों की सुरक्षा से जुड़े हैं।
कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन?
भाजपा नेता ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि जब आम आदमी पार्टी विपक्ष में थी, तब वह कर्मचारियों और आम लोगों द्वारा किए जाने वाले आंदोलनों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार बताती थी और उनका पुरजोर समर्थन करती थी। लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टी का रवैया पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनरत कर्मचारियों के साथ सार्थक बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय, हड़ताल समाप्त करने के लिए अनुचित शर्तें थोप रही है।
भाटिया ने पंजाब सरकार पर कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को आंदोलन कर रहे कर्मचारियों की आवाज को सुनना चाहिए और उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की चिंताएं केवल वेतन या भत्ते तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह उनके परिवारों के आर्थिक स्थायित्व और भविष्य की सुरक्षा से भी जुड़ी हुई हैं।
आप पर दोहरे मापदंड का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आम आदमी पार्टी पर 'दोहरे मापदंड' अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आप ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों को एक प्रभावी लोकतांत्रिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद वही पार्टी अपने कर्मचारियों के आंदोलनों को दबाने का प्रयास कर रही है। भाटिया ने कहा कि एक सरकार की जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना ही नहीं है, बल्कि अपने कर्मचारियों और नागरिकों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी है।
उन्होंने पंजाब सरकार से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। भाटिया ने आग्रह किया कि सरकार को आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ अविलंब बातचीत शुरू करनी चाहिए और उनकी लंबित मांगों पर एक स्पष्ट, समयबद्ध और व्यवहारिक निर्णय लेना चाहिए।
संवाद की राह, टकराव की नहीं
भाजपा नेता ने इस बात पर बल दिया कि कर्मचारियों की मांगों को सिर्फ टालने या नजरअंदाज करने के बजाय, सरकार को उनकी समस्याओं का वित्तीय और प्रशासनिक स्तर पर स्थायी समाधान खोजना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से लंबित महंगाई भत्ते, नियमितीकरण और पुरानी पेंशन योजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की अपेक्षा की।
गौरव भाटिया ने रेखांकित किया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में, सरकार और कर्मचारियों के बीच खुला संवाद ही किसी भी विवाद या मतभेद का सबसे प्रभावी और सकारात्मक हल है। भाजपा ने पंजाब सरकार से आग्रह किया है कि वह टकराव की नीति का परित्याग करे, कर्मचारियों के साथ सहानुभूतिपूर्वक बातचीत करे और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे।
पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया दी जाती है, तो उसे समाचार में शामिल किया जाएगा।
