पंजाब परीक्षा विवाद: शिक्षा मंत्री बैंस के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष, सीएम मान ने किया आरोपों से इनकार
पंजाब में फार्मेसी परीक्षा पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों के आरोपों पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है, जिसे सीएम मान ने सिरे से खारिज कर दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | चंडीगढ़ | 27 जुलाई 2026
पंजाब में फार्मेसी परीक्षा को लेकर कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल जैसी विपक्षी पार्टियों ने राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से इस्तीफे की मांग की है। इन दलों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रही है और पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर जवाबदेही से बच रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए अपनी सरकार का बचाव किया है।
विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। भाजपा नेताओं प्रदीप भंडारी और मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि जब अन्य राज्यों में परीक्षा संबंधी विवाद सामने आते हैं तो ‘आप’ नेता संबंधित मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करते हैं, लेकिन पंजाब में हो रही कथित गड़बड़ियों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
विपक्ष की संयुक्त मांग और सरकार का रुख
कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। उनका कहना है कि राज्य की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता लगातार प्रभावित हो रही है। विपक्षी दलों ने केवल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से भी इस्तीफा देने की मांग की है। उनका आरोप है कि सरकार परीक्षा संचालन और विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में बुरी तरह असफल रही है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के पिछले साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल में पंजाब में एक भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री के अनुसार, हाल ही में केवल दो परीक्षा केंद्रों पर नकल के मामले सामने आए थे, जिन पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मात्र दस मिनट के भीतर 21 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार परीक्षा प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राजनीतिक उठापटक और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष पर राजनीतिक लाभ उठाने के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है और परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष तथा पारदर्शी बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस विवाद के बीच पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विपक्ष जहां शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने पर अड़ा हुआ है, वहीं आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि पेपर लीक के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और सरकार ने हर शिकायत पर तत्काल और उचित कार्रवाई की है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति का एक प्रमुख विषय बना रह सकता है।
