पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण पर आयोग ने फर्रुखाबाद में की समीक्षा
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने फर्रुखाबाद में अधिकारियों के साथ बैठक कर पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग आरक्षण और प्रतिनिधित्व की समीक्षा की।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 19 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने बुधवार को फर्रुखाबाद में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने की। बैठक का मुख्य एजेंडा स्थानीय ग्रामीण निकायों, विशेषकर ग्राम पंचायतों में, पिछड़ा वर्ग के आरक्षण और उनके प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाना और उनका अध्ययन करना था।
बैठक में आयोग के सदस्यों, जिनमें सेवानिवृत्त डीजी ब्रजेश कुमार, सेवानिवृत्त एडीजे संतोष कुमार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया और सेवानिवृत्त आईएएस एसपी सिंह शामिल थे, ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त, जिला पंचायत की प्रशासक मोनिका यादव भी उपस्थित थीं। अधिकारियों ने आयोग के समक्ष जिले से संबंधित आवश्यक अभिलेख और सूचनाएं प्रस्तुत कीं।
पिछड़ा वर्ग आरक्षण की स्थिति का अध्ययन
आयोग के अध्यक्ष राम औतार सिंह ने अधिकारियों से स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व की वर्तमान स्थिति, आरक्षण संबंधी प्रावधानों और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले सभी अभिलेख और सूचनाएं तथ्यात्मक, स्पष्ट और अद्यतन रखी जाएं।
बैठक के दौरान यह बताया गया कि आयोग ग्रामीण स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व और उनकी सामाजिक स्थिति का विस्तृत अध्ययन कर रहा है। इस अध्ययन के आधार पर, आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के संबंध में आवश्यक अनुशंसाएं तैयार करेगा। उपलब्ध आंकड़ों और सामाजिक परिस्थितियों के गहन विश्लेषण के पश्चात, ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की रूपरेखा को लेकर सुझाव तैयार किए जा रहे हैं।
आयोग के उद्देश्य और आगामी योजनाएं
पूर्व न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने स्पष्ट किया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीण निकायों में पिछड़ा वर्ग के हितों और उनके समुचित प्रतिनिधित्व से जुड़े विषयों का गहन अध्ययन कर शासन को आवश्यक सुझाव और संस्तुतियां प्रदान करना है। यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि आरक्षण का लाभ योग्य व्यक्तियों तक पहुंचे और स्थानीय निकायों में उनका प्रतिनिधित्व सुचारू रूप से बना रहे।
इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी और जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चंद्र सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने आयोग को अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारी और सहयोग का आश्वासन दिया।
