पांचाल घाट पर पुलिस की तत्परता: दो दिनों में सात लोगों की डूबने से बचाई जान
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर 14-15 अगस्त 2026 को पुलिस ने सात लोगों को डूबने से बचाया। इसमें एक महिला व तीन बच्चों और तीन कांवड़ियों को बचाया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 15 अगस्त 2026
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर पिछले दो दिनों में पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने कुल सात लोगों की जान बचाई है। 14 अगस्त 2026 की शाम को एक महिला और उसके तीन बच्चों को गंगा में डूबने से बचाया गया, जबकि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तीन कांवरियों को तेज बहाव में बहने से सुरक्षित निकाला गया। इन घटनाओं ने स्थानीय पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं को उजागर किया है।
थाना कादरीगेट पुलिस के प्रभारी कपिल चौधरी ने बताया कि 14 अगस्त की शाम करीब 8:30 बजे पपियापुर निवासी एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ पांचाल घाट पहुंची। महिला की मानसिक स्थिति को देखकर पुलिस को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने अविलंब स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से महिला और उसके बच्चों को गंगा में छलांग लगाने से रोका और सुरक्षित बाहर निकाला। इस बचाव कार्य में आरक्षी शशिकांत पांडे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बचाए जाने के बाद महिला को तत्काल राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सीय परीक्षण के उपरांत उसे उसके पति रंजीत कुमार और ससुर रूपलाल के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की इस तत्परता ने एक परिवार को संभावित बड़ी त्रासदी से बचा लिया।
महिला और बच्चों को बचाने में पुलिस की तत्परता
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना 14 अगस्त 2026 की शाम लगभग 8:30 बजे पांचाल घाट पर हुई। पपियापुर की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ घाट पर आई थी। पुलिसकर्मियों ने महिला की अशांत स्थिति को भांप लिया और उन्हें यह संदेह हुआ कि वह आत्मघाती कदम उठा सकती है। पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई। स्थानीय लोगों और प्रशिक्षित गोताखोरों के सहयोग से, पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए महिला और उसके तीन मासूम बच्चों को गंगा की लहरों में समाने से पूर्व ही बचा लिया। इस बचाव अभियान में थाना कादरीगेट के आरक्षी शशिकांत पांडे की सूझबूझ और तत्कालिक कार्रवाई प्रशंसनीय रही। उनकी समय रहते की गई हस्तक्षेप ने एक गंभीर दुर्घटना को टाल दिया।
सुरक्षित निकाले जाने के बाद, महिला और बच्चों को तत्काल आवश्यक सहायता प्रदान की गई। महिला को राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेजा गया, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के उपरांत, उसे उसके पति रंजीत कुमार और ससुर रूपलाल को सुरक्षित सौंप दिया गया। पुलिस की यह मानवीय पहल एक परिवार को गहरे सदमे से बचाने में सफल रही, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा का एक उत्कृष्ट प्रमाण है।
स्वतंत्रता दिवस पर तीन कांवरियों का बचाव
अगले दिन, 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उल्लास के बीच, पांचाल घाट पर गंगा नदी के किनारे एक और जानलेवा स्थिति उत्पन्न हुई। लखीमपुर खीरी के मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम गंगापुर निवासी 18 वर्षीय पुष्पेंद्र भारती, जो कि कांवर यात्रा पर आए थे, पांचाल घाट पर गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
जैसे ही पुष्पेंद्र भारती को डूबते हुए देखा, उनके साथ आए दो अन्य कांवरिये, दीपक और जतिन, तत्काल उन्हें बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। दुर्भाग्यवश, गंगा नदी के तेज बहाव ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया, और वे भी खतरे में पड़ गए। यह एक अत्यंत गंभीर और भयावह क्षण था, जहां एक व्यक्ति को बचाने की कोशिश में तीन लोगों की जान दांव पर लग गई थी।
इस विकट परिस्थिति को भांपते हुए, पांचाल घाट पर तैनात पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद गोताखोरों ने तुरंत एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। उनकी सूझबूझ, साहस और तालमेल से, तीनों युवकों को गंगा की उफनती लहरों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना भी पुलिस और गोताखोरों की तत्परता और बचाव क्षमताओं का एक सशक्त उदाहरण बनी।
बचाए गए तीनों युवकों को पहले पांचाल घाट पुलिस चौकी लाया गया। वहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया और मानसिक रूप से शांत करने का प्रयास किया गया। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें गंगा नदी में स्नान करते समय बरती जाने वाली सावधानियों, विशेष रूप से गहरे पानी से दूर रहने और स्थानीय चेतावनियों का पालन करने के महत्व के बारे में समझाया। इस सलाह के बाद, उनके साथ आए अन्य कांवरियों - किशन कुमार, अंकित और विकास कुमार - की उपस्थिति में, तीनों युवकों को सुरक्षित उनके घर के लिए रवाना किया गया, जिससे उनके परिवारों को राहत मिली।
घाटों पर पुलिस की सतर्कता और जन-अपील
थाना कादरीगेट के प्रभारी कपिल चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार उच्च स्तर की सतर्कता बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि स्थानीय गोताखोरों के साथ एक मजबूत समन्वय ढांचा स्थापित किया गया है, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने आम जनता से, विशेष रूप से गंगा नदी में स्नान करने वालों से, अत्यंत सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे पानी की गहराई का ध्यान रखें, बच्चों पर विशेष रूप से पैनी नजर रखें, और निर्धारित सुरक्षित क्षेत्रों में ही स्नान करें। गहरे और अज्ञात जल क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए, जो अप्रत्याशित खतरों को जन्म दे सकता है।
इन दो दिनों में हुई इन दो घटनाओं में कुल सात लोगों की जान बचाई गई। यह सफलता थाना कादरीगेट पुलिस के कर्मियों, आरक्षी शशिकांत पांडे, और स्थानीय गोताखोरों के बीच उत्कृष्ट तालमेल, व्यावसायिक दक्षता, और सबसे बढ़कर, मानवीय करुणा का परिणाम थी। यह घटनाएँ न केवल पुलिस की पेशेवर कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करती हैं, बल्कि समाज के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और जीवन बचाने के उनके अटूट संकल्प को भी रेखांकित करती हैं। पांचाल घाट पर इस प्रकार की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
