पांचाल घाट गंगा पुल फिर क्षतिग्रस्त, भारी वाहनों के आवागमन पर संकट
फर्रुखाबाद में पांचाल घाट गंगा पुल बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा है, जिससे लोगों की सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है। नए पुल के निर्माण में तेजी की मांग उठ रही है।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 21 अगस्त 2026
कादरी गेट थाना क्षेत्र के अंतर्गत फर्रुखाबाद में पांचाल घाट स्थित गंगा नदी पुल की जर्जर होती हालत लोगों के लिए चिंता का सबब बन गई है। इटावा-बरेली हाईवे पर स्थित यह पुल न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय यातायात के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इस पुल से होकर गुजरते हैं, और सावन के पवित्र माह में लाखों कांवड़ियों के आवागमन का मुख्य मार्ग भी यही है। ऐसे में पुल की सुरक्षा और उसकी मजबूती को लेकर आमजन में गंभीर चिंता व्याप्त है।
पिछले करीब एक वर्ष से पांचाल घाट पुल के जॉइंट कई बार क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। हालांकि, संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर इनकी मरम्मत का कार्य कराया जाता रहा है, लेकिन यह उपाय समस्या का स्थायी समाधान प्रदान करने में असफल रहे हैं। वर्तमान में, पुल के नीचे गंगा तट की ओर जलस्तर के ऊपरी हिस्से में लगा प्लास्टर भी कई जगहों से उखड़ने लगा है, जो पुल की चिंताजनक स्थिति को और बढ़ा रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने अब पुल के निचले हिस्से में भी मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया है।
मरम्मत के चक्र पर उठते सवाल
लगातार हो रही इन मरम्मतों के चलते स्थानीय निवासियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक पुल के ऊपर और नीचे इसी तरह मरम्मती कार्यों का सिलसिला चलता रहेगा। लोग इस बात पर जोर दे रहे हैं कि जब एक नए पुल के निर्माण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, तो उसके निर्माण कार्य में और अधिक तेजी लाई जानी चाहिए। नए पुल के शीघ्र निर्माण से पुराने पुल पर पड़ रहे यातायात के अत्यधिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की आवश्यकता
वर्तमान में, पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों के बीच से ही भारी वाहनों सहित अन्य यातायात को गुजारा जा रहा है। सावन माह के दौरान कांवड़ियों की भारी भीड़ को देखते हुए, पुल पर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा यातायात प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है। अधिकारियों द्वारा उठाए जाने वाले कदम यह निर्धारित करेंगे कि क्या पुराने पुल की केवल तात्कालिक मरम्मत पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, या प्रस्तावित नए पुल के निर्माण को प्राथमिकता देकर लोगों को इस समस्या से स्थायी निजात दिलाई जाएगी।
