पांच साल से फरार चोरी का वारंटी दमोह से गिरफ्तार, भेजा गया उपजेल
सागर पुलिस ने चोरी के मामले में पांच साल से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी को दमोह से गिरफ्तार किया है। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को उपजेल रहली भेजा गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 25 अगस्त 2026
सागर जिले में फरार स्थाई वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, गौरझामर पुलिस ने चोरी के एक मामले में पांच वर्षों से फरार चल रहे एक आरोपी को दमोह से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर उपजेल रहली भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में की गई, जिसका उद्देश्य जिले में सक्रिय फरार आरोपियों और स्थाई वारंटियों पर शिकंजा कसना है। इसी क्रम में, एसडीओपी देवरी श्री अरुण उईके के मार्गदर्शन में थाना गौरझामर पुलिस को 24 अगस्त 2026 को एक मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि दीपक पिता भवानी रैकवार, उम्र 30 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 04, दमोह, जो चोरी के अपराध में करीब पांच वर्षों से फरार था, दमोह बस स्टैंड क्षेत्र में देखा गया है।
वारंटी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कार्रवाई
सूचना मिलते ही, थाना गौरझामर पुलिस की एक टीम तत्काल दमोह के लिए रवाना हो गई। पुलिस दल ने दमोह पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर द्वारा दिए गए विवरण के आधार पर, पुलिस ने विशेष ध्यान केंद्रित किया और आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए सतर्कता बरती।
कुछ ही समय में, पुलिस टीम ने कीर्ति स्तंभ के पास से स्थाई वारंटी दीपक पिता भवानी रैकवार को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी अभियान की तत्परता और प्रभावी निगरानी का प्रमाण है, जिससे आरोपी को भागने का अवसर नहीं मिला।
न्यायालय के आदेश पर उपजेल भेजा गया
गिरफ्तार किए गए स्थाई वारंटी को माननीय न्यायालय देवरी के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए और सुनवाई के पश्चात, आरोपी को उपजेल रहली में दाखिल करने का आदेश दिया। इस आदेश के अनुपालन में, आरोपी को नियमानुसार उपजेल रहली भेज दिया गया, जहां वह अपनी सजा पूरी करेगा या आगे की कानूनी कार्यवाही का सामना करेगा।
यह गिरफ्तारी सागर जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश का पालन सुनिश्चित किया गया है।
पुलिस की सराहनीय भूमिका
इस गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रभारी गौरझामर निरीक्षक नासिर फारुकी, प्रधान आरक्षक 951 अनिल कन्नौजिया और प्रधान आरक्षक 1666 विजयकांत शर्मा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही। इन पुलिस अधिकारियों की तत्परता, सूझबूझ और टीम वर्क के कारण ही यह सफल गिरफ्तारी संभव हो पाई।
सागर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार स्थाई वारंटियों और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी का यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस प्रकार के अभियानों से अपराधियों में भय व्याप्त होता है और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ती है। पुलिस जनता से अपील करती है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें ताकि ऐसे अपराधियों को पकड़ा जा सके।
