पलाऊ में विदेश राज्य मंत्री: इंडो-पैसिफिक विजन और साझेदारी पर भारत का जोर
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने पलाऊ में 55वें पैसिफिक आइलैंड्स फोरम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने स्वतंत्र, खुले और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित किया और प्रशांत देशों के साथ साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई।

संवाददाता: शाश्वत तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | पलाऊ | 1 सितंबर 2026
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा वर्तमान में पलाऊ में 55वें पैसिफिक आइलैंड्स फोरम (PIF) लीडर्स मीटिंग के 'डायलॉग पार्टनर सेशन' में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह प्रतिनिधित्व, जो 1 सितंबर 2026 को चल रहा है, प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत की मजबूत होती साझेदारी और साझा विकास के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस महत्वपूर्ण वैश्विक मंच पर, राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, समावेशी और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए भारत के विजन को दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मंत्री मार्गेरिटा ने 'ब्लू पैसिफिक कॉन्टिनेंट' के साथ भारत की साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' से प्रेरित यह साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि 'फोरम फॉर इंडिया-पैसिफिक आइलैंड्स कोऑपरेशन' (FIPIC) और स्वयं पैसिफिक आइलैंड्स फोरम के साथ भारत के जुड़ाव को भी गहरा करती है। भारत प्रशांत क्षेत्र को केवल एक दूरस्थ भौगोलिक क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के एक अभिन्न और महत्वपूर्ण अंग के रूप में देखता है। यह नज़रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वक्तव्य के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने प्रशांत द्वीप देशों को बड़े समुद्री देशों के रूप में मान्यता देने की बात कही थी।
साझा विजन और 'वसुधैव कुटुंबकम्' का दर्शन
मंत्री मार्गेरिटा ने भारतीय दर्शन के मूल सिद्धांतों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है। सहयोग और साझा उद्देश्यों के प्रति यह भावना 55वें पैसिफिक आइलैंड्स फोरम की मुख्य थीम 'बिल्डिंग इकोनॉमीज़: लाइफ. एक्शन. यूनिटी' (अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण: जीवन, कार्य, एकता) में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। यह थीम भारत के उस दृष्टिकोण के साथ पूरी तरह मेल खाती है, जिसमें वह इंडो-पैसिफिक को एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध क्षेत्र के रूप में देखता है।
ग्लोबल साउथ में प्रशांत क्षेत्र की आवाज का महत्व
बैठक के दौरान, भारत ने स्पष्ट किया कि व्यापक ग्लोबल साउथ के संदर्भ में पैसिफिक क्षेत्र की आवाज़ अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत अपने प्रशांत साझेदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा, ताकि वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी प्राथमिकताओं और चिंताओं को प्रमुखता से सुना जा सके। यह रुख समावेशी वैश्विक शासन और विकास में सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विकास साझेदारी का प्रतीक: मोटरसाइकिलें भेंट
अपनी यात्रा के दौरान, राज्य मंत्री मार्गेरिटा ने कोरोर में पलाऊ की न्याय मंत्री, जेनिफर एस. ओलेगेरिल को पुलिस के उपयोग के लिए भारत में निर्मित 20 कस्टमाइज़्ड मोटरसाइकिलें भेंट कीं। उन्होंने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इस सहयोग को 'पलाऊ के साथ भारत की दोस्ती और विकास साझेदारी का एक छोटा, लेकिन अहम संकेत' बताया। यह उपहार दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और उनकी सहयोग भावना को प्रदर्शित करने का एक व्यावहारिक उदाहरण है।
तीन देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव
विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा 26 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक वियतनाम, लाओस और पलाऊ की आधिकारिक यात्रा पर हैं। पलाऊ में उनकी वर्तमान यात्रा इस तीन देशों की यात्रा का अंतिम पड़ाव है। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने पलाऊ के शीर्ष नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत भी की, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारंपरिक रूप से घनिष्ठ और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और अधिक मजबूत और गहरा करना है।
