BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया है।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बृजभूषण शरण सिंह बरी

कोर्ट का फैसला और सिंह की प्रतिक्रिया

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह, साथ ही सह-आरोपी विनोद तोमर को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया है। यह फैसला एक ऐसे मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ है जिसने राष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है और खेल प्रशासन में लिंग, शक्ति और जवाबदेही के मुद्दों पर व्यापक बहस छेड़ दी है।

कोर्ट ने सिंह और तोमर के खिलाफ आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए। फैसला आने के बाद, 69 वर्षीय बृजभूषण शरण सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, "जिस दिन मेरे ऊपर आरोप लगे थे, मैंने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा; आज कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है और 'सम्मानपूर्वक बरी' (honourably acquitted) शब्द का इस्तेमाल किया है। जो हुआ सो हुआ।"

"जिस दिन मेरे ऊपर आरोप लगे थे, मैंने कहा था कि अगर आरोप साबित हुए तो मैं खुद को फांसी लगा लूंगा; आज कोर्ट ने मुझे बरी कर दिया है और 'सम्मानपूर्वक बरी' (honourably acquitted) शब्द का इस्तेमाल किया है। जो हुआ सो हुआ।" - बृजभूषण शरण सिंह

आरोपों की पृष्ठभूमि

यह मामला डब्ल्यूएफआई प्रमुख के रूप में बृजभूषण शरण सिंह के कार्यकाल के दौरान कई महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से उपजा है। इन आरोपों के कारण एथलीटों द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए, जिन्होंने कुश्ती महासंघ के भीतर न्याय और सुधार की मांग की। मामले की जांच और बाद की कानूनी कार्यवाही पर बारीकी से नजर रखी गई है, जिसने शक्तिशाली हस्तियों से जुड़े मामलों में न्याय प्राप्त करने की जटिलताओं और आगे आने वाले पीड़ितों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है।

कानूनी कार्यवाही और अगले कदम

राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बरी किए जाने का मतलब है कि सिंह और तोमर के खिलाफ कानूनी मामला उनके निर्दोष साबित होने के साथ समाप्त हो गया है। बरी होने के कारण पर अदालत के तर्क का विवरण विस्तृत फैसले में दिया जाएगा। जबकि अदालत के फैसले से इस विशेष कानूनी अध्याय का समापन होता है, कुश्ती के खेल और एथलीटों की सुरक्षा के लिए व्यापक निहितार्थों पर निरंतर चर्चा और जांच होने की संभावना है।