पहाड़ों पर बारिश का तांडव: हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में बाढ़-भूस्खलन से भारी तबाही
देश के पहाड़ी राज्यों में मूसलाधार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त। हिमाचल के कांगड़ा में छह मकान बहे, कई सड़कें बंद, IMD ने जारी किया रेड-ऑरेंज अलर्ट।

द क्लिफ न्यूज़ | 23 जुलाई 2026
देश के उत्तरी पहाड़ी राज्यों - हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसून की भारी बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया है। मूसलाधार वर्षा, अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और व्यापक भूस्खलन ने इन क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, कई राष्ट्रीय राजमार्गों सहित महत्वपूर्ण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, और कई मकानों तथा वाहनों को नुकसान पहुंचा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन राज्यों के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की आशंका जता रहा है।
पहाड़ी राज्यों में हो रही इस विनाशकारी बारिश से निपटने के लिए प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश: बोह घाटी में बादल फटने से तबाही
हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर सबसे अधिक कांगड़ा जिले की बोह घाटी में देखने को मिला, जहां शाहपुर तहसील के तहत आने वाले बोह क्षेत्र में बादल फटने की एक भयावह घटना हुई। अचानक और प्रचंड सैलाब ने समूचे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस बादल फटने की घटना में कम से कम छह मकान पूरी तरह से बह गए। इसके अतिरिक्त, आसपास के कई अन्य घरों और ढांचों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। अचानक आई इस तबाही से स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन समय रहते कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया।
राज्य के अन्य जिलों में भी लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्गों सहित कई प्रमुख जिला सड़कें और संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग और राज्य प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर मशीनरी की मदद से मलबा हटाने और सड़कों को बहाल करने के काम में जुटी हैं, ताकि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बनी रहे और फंसे हुए लोगों तक मदद पहुंचाई जा सके।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: फ्लैश फ्लड का प्रकोप
जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल क्षेत्र में भी अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। तेज बहाव के कारण सड़क किनारे खड़े कई वाहन बह गए, जिससे वाहनों के मालिकों को भारी नुकसान हुआ है। निचले इलाकों में कई घरों और दुकानों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बाढ़ के तेज प्रवाह ने कई छोटे पुलों और सड़कों को भी क्षति पहुंचाई है, जिसके परिणामस्वरूप इन क्षेत्रों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत राहत दलों को तैनात कर दिया है और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने की सलाह दी गई है, जब तक कि स्थिति सामान्य न हो जाए। प्रशासन फंसे हुए लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
उत्तराखंड: पर्वतीय मार्गों पर अवरोध, यात्राओं पर असर
उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पर्वतीय इलाकों में जनजीवन को प्रभावित किया है। कई महत्वपूर्ण पहाड़ी मार्गों पर मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इन अवरोधों के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालयों और अन्य शहरी क्षेत्रों से टूट गया है। स्थानीय प्रशासन जेसीबी मशीनों और अन्य भारी उपकरणों की सहायता से मार्गों को खोलने का प्रयास कर रहा है, लेकिन बारिश की निरंतरता के कारण यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रशासन ने संवेदनशील भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अत्यधिक सतर्कता बरतने और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय है कि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों और फंसे हुए यात्रियों को सहायता मिले।
IMD का रेड और ऑरेंज अलर्ट: आगामी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा जारी रहने की प्रबल संभावना है। इस चेतावनी के मद्देनजर, भूस्खलन, अचानक आने वाली बाढ़ और नदियों के जलस्तर में तीव्र वृद्धि का खतरा बढ़ गया है। IMD ने स्थानीय अधिकारियों और आम जनता को इन चेतावनियों को गंभीरता से लेने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
राहत और बचाव कार्य जारी, प्रशासन सतर्क
विभिन्न राज्य सरकारों के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), पुलिस विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियानों का संचालन कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने, उन्हें अस्थायी आश्रय प्रदान करने तथा भोजन, पेयजल और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने जनता से आग्रह किया है कि वे इस दौरान अत्यधिक सावधानी बरतें। नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें, पहाड़ी ढलानों के पास यात्रा करने से बचें और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में न जाएं। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों का पालन करना और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन करना महत्वपूर्ण है। अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश के जारी रहने की संभावना को देखते हुए, पूरे राज्य प्रशासन को उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
