नो-बॉल पर अब गेंदबाज ही नहीं, कोच पर भी जुर्माना: गावस्कर का नया सुझाव
सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल की बढ़ती समस्या पर चिंता जताते हुए गेंदबाजों के साथ-साथ गेंदबाजी कोच पर भी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया है।

द क्लिफ न्यूज़ | मुंबई | 30 अगस्त 2026
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में लगातार नो-बॉल (अवैध गेंद) करने वाले गेंदबाजों पर कड़े आर्थिक दंड का सुझाव दिया है। इसके साथ ही उन्होंने गेंदबाजी कोचों को भी इस समस्या के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर भी जुर्माना लगाने की बात कही है। गावस्कर का मानना है कि नो-बॉल की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जवाबदेही तय करना अत्यंत आवश्यक है।
श्रीलंका के खिलाफ हालिया टेस्ट श्रृंखला के दौरान भारतीय स्पिनरों द्वारा की गई नो-बॉल की घटनाओं ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस श्रृंखला में रवींद्र जडेजा और सारांश जैन जैसे गेंदबाजों की नो-बॉल ने इस समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया। सुनील गावस्कर ने प्रस्तावित किया है कि प्रत्येक नो-बॉल पर गेंदबाज पर लगने वाले जुर्माने की राशि लगातार दोगुनी होती जानी चाहिए। इसके अतिरिक्त, संबंधित गेंदबाजी कोच पर भी गेंदबाज पर लगाए गए जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि का दंड लगाया जाना चाहिए।
दंड की राशि का सदुपयोग: टीम डिनर का प्रस्ताव
सुनील गावस्कर ने नो-बॉल से प्राप्त होने वाले जुर्माने की राशि के उपयोग को लेकर एक अनूठा सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि नो-बॉल से जमा हुई राशि का इस्तेमाल मैच के बाद पूरी टीम के सामूहिक रात्रिभोज (डिनर) के लिए किया जा सकता है। यह कदम जुर्माने को एक नकारात्मक दंड के बजाय टीम के भीतर अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए एक सकारात्मक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का एक तरीका हो सकता है।
फ्री-हिट के सुझाव को गावस्कर ने किया खारिज
इससे पहले, भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल के बाद बल्लेबाज को फ्री-हिट देने का नियम लागू करने का सुझाव दिया था। इसका उद्देश्य बल्लेबाजों को मिलने वाले अतिरिक्त मौके को सीमित कर गेंदबाजों को अधिक सटीक गेंदबाजी के लिए प्रेरित करना था। हालांकि, सुनील गावस्कर ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में फ्री-हिट का नियम लागू करने से बल्लेबाजों का स्कोरिंग आसान हो जाएगा, जो खेल के पारंपरिक स्वरूप के लिए उचित नहीं होगा। गावस्कर ने मौजूदा नियमों और उपकरणों के पर्याप्त होने की बात कही।
यह ध्यान देने योग्य है कि रवींद्र जडेजा ने 2021 के बाद से टेस्ट क्रिकेट में 88 नो-बॉल फेंकी हैं, जो इस अवधि में किसी भी स्पिनर द्वारा फेंकी गई सर्वाधिक नो-बॉल हैं। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में भारतीय स्पिनरों ने सामूहिक रूप से 10 नो-बॉल फेंकी थीं, जो 2021 के बाद से किसी टेस्ट मैच में स्पिन इकाई द्वारा फेंकी गई तीसरी सबसे अधिक नो-बॉल की संख्या है।
