नीट विवाद: छात्राओं संग दुर्व्यवहार पर कांग्रेस ने केंद्र को घेरा
कांग्रेस ने दिल्ली में नीट परीक्षा विवाद के दौरान छात्राओं से कथित पुलिस दुर्व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 24 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा ने दिल्ली में नीट परीक्षा विवाद को लेकर हो रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में छात्राओं के साथ कथित पुलिस हिंसा और दुर्व्यवहार के मामले को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे देश को शर्मसार किया है और मांग की है कि इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को तत्काल सेवा से बर्खास्त कर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से उपजे छात्रों के आक्रोश को दबाने के लिए सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय बल प्रयोग का सहारा लिया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस जैसे उपायों का इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं घायल हुईं।
छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप
पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान कई छात्राओं को कथित रूप से अभद्र व्यवहार, छेड़छाड़ और अमर्यादित हरकतों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक आघात भी पहुंचा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो इस घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके।
शोभा ओझा ने केंद्र सरकार पर दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान छिपाने के लिए उनके नेम प्लेट हटवाने का भी आरोप लगाया, जिससे जवाबदेही तय करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप सत्य हैं, तो यह कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा दोनों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
सरकारी अभियानों पर उठाए सवाल
इस अवसर पर, शोभा ओझा ने केंद्र सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे अभियानों की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि छात्राएं अपनी मांगों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी नहीं कर सकतीं और उनके साथ इस तरह का दुर्व्यवहार होता है, तो ऐसे नारों का कोई अर्थ नहीं रह जाता।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा कि महिलाओं के प्रति उनकी सोच समानता और सम्मान के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिला आरक्षण कानून के प्रभावी कार्यान्वयन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
शोभा ओझा ने मांग की कि दिल्ली में हुई इस घटना की एक निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान सार्वजनिक करने और छात्राओं के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही।
