नीट पेपर लीक: सरकार का सख्त रुख, दोषियों पर कठोर कार्रवाई का ऐलान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की जाएगी और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानून का प्रस्ताव लाया जाएगा।

द क्लिफ न्यूज़ | ग्वालियर | 24 जुलाई 2026
राष्ट्रीय पात्रता सह सहप्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर में इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इस कृत्य में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता छात्रों के भविष्य की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखना है।
परीक्षा लीक रोकने के लिए कड़े कानून का प्रस्ताव
केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि केंद्र सरकार, परीक्षा के दौरान पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से, कठोर प्रावधानों वाले एक प्रस्ताव को अंतिम रूप दे रही है। इस प्रस्ताव को जल्द ही केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रस्तावित नए कानून के तहत परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होगा, जिसका लक्ष्य भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकना है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि देश भर के लाखों विद्यार्थी पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। कुछ असामाजिक तत्वों की गलत हरकतों के कारण इन विद्यार्थियों के सपनों को बाधित करना एक गंभीर अपराध है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मेहनती और योग्य छात्रों के साथ न्याय हो और उनकी मेहनत का उचित फल उन्हें मिले।
छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता
सिंधिया ने दोहराया कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत तथा अभेद्य बनाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। इसमें तकनीकी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम और प्रशासनिक सुधारों को शामिल किया जा रहा है, ताकि परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
उन्होंने पुनः इस बात पर जोर दिया कि देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का मुख्य ध्येय एक ऐसी सुदृढ़ और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, जिसके तहत प्रत्येक छात्र को अपनी योग्यता के अनुसार समान और निष्पक्ष अवसर प्राप्त हो सके।
