नीब करोरी बाबा के आध्यात्मिक सर्किट की शुरुआत, विरासत को मिलेगा वैश्विक सम्मान
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने नीब करोरी बाबा के जीवन से जुड़े स्थलों को जोड़कर आध्यात्मिक सर्किट शुरू किया है। फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में 12.93...

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 10 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने पूजनीय संत नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बाबा के जीवन और स्मृतियों से जुड़े प्रमुख स्थलों को एकीकृत करते हुए एक नया आध्यात्मिक पर्यटन सर्किट विकसित किया गया है। इस पहल के अंतर्गत, उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पांच विशेष टूर पैकेज भी लॉन्च किए हैं। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में 12.93 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को कार्यान्वित किया जा रहा है, जिससे बाबा के अनुयायियों के लिए यात्रा सुगम हो सके।
बाबा की जन्मस्थली और आश्रम का हो रहा भव्य विकास
फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव, जिसे बाबा नीब करोरी की जन्मस्थली माना जाता है, को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पहले चरण में 8.65 करोड़ रुपये की लागत से आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया गया है। दूसरे चरण में 2.22 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना पर काम चल रहा है, जिसमें से 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस दूसरे चरण को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, अकबरपुर में 55.44 लाख रुपये की लागत वाली एक ग्रामीण पर्यटन परियोजना भी शीघ्र ही शुरू होने वाली है।
दूसरी ओर, फर्रुखाबाद स्थित नीब करोरी आश्रम के विकास पर 1.51 करोड़ रुपये की परियोजना पूरी हो चुकी है। इस परियोजना के तहत आश्रम के मुख्य द्वार और ठहरने के लिए भवन का निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है, जिससे आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बाबा नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों को जोड़कर इस सर्किट को तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं को उनकी जीवनशैली और संदेशों से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।
आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की सरकारी पहल
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नीब करोरी बाबा का महासमाधि दिवस ऐसे संत को नमन करने का अवसर है, जिनके सादगी, सेवा और प्रेम का संदेश आज भी विश्व भर में प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्ष 2017 से पहले इन महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थलों की पर्यटन क्षमता को अपेक्षित महत्व नहीं दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार अब न केवल बाबा की विरासत को संरक्षित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन के नए द्वार खोलकर प्रदेश के आर्थिक विकास में भी योगदान दे रही है।
मंत्री ने आगे बताया कि अकबरपुर में पर्यटकों की सुविधाओं के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण किया जा रहा है। इसमें एक बहुद्देशीय सभागार, सांस्कृतिक ब्लॉक और बाबा के जीवन पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी हॉल शामिल हैं। इसके साथ ही, आगंतुकों के लिए एक डाइनिंग हॉल, 50 लोगों की क्षमता वाला कैफेटेरिया और 60 लोगों के ठहरने की व्यवस्था वाली डॉरमेट्री का भी निर्माण किया गया है। यह सभी सुविधाएं इस क्षेत्र को एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी।
नए टूर सर्किट में शामिल प्रमुख स्थल
नए आध्यात्मिक सर्किट में कई महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं, जिनमें वृंदावन का समाधि मंदिर, फिरोजाबाद का अकबरपुर, फर्रुखाबाद का आश्रम और लखनऊ का हनुमान सेतु मंदिर प्रमुख हैं। फर्रुखाबाद स्थित आश्रम के बारे में यह मान्यता है कि बाबा नीब करोरी ने इस आश्रम की भूमिगत गुफा में 12 वर्षों तक गहन साधना की थी। इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों को एक व्यवस्थित और सुगम पर्यटन मार्ग के रूप में विकसित किया गया है। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा दिल्ली और लखनऊ से संचालित किए जा रहे पांच विशेष टूर पैकेज के माध्यम से पर्यटक इन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। इच्छुक पर्यटक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर इस सर्किट के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात ने इस पहल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह नया सर्किट राज्य के आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे न केवल श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुविधाजनक बनेगी, बल्कि उन्हें बाबा नीब करोरी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को निकट से जानने और समझने का अनूठा अवसर भी प्राप्त होगा। महासमाधि दिवस के शुभ अवसर पर शुरू की गई यह पहल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे उत्तर प्रदेश एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।
