अनमोल बिश्नोई अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत में गिरफ्तार: NIA ने 15 दिन की रिमांड मांगी, अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई
लीड अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर सिंडिकेट पर एक बड़ी कार्रवाई में भारत लौटते ही लॉरेंस बिश्नोई के भाई और फरार आरोपी अनमोल बिश्नोई को NIA और दिल्ली...

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अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर सिंडिकेट पर एक बड़ी कार्रवाई में भारत लौटते ही लॉरेंस बिश्नोई के भाई और फरार आरोपी अनमोल बिश्नोई को NIA और दिल्ली पुलिस ने IGI एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया। अमेरिका द्वारा डिपोर्ट किए गए अनमोल पर 18 से अधिक गंभीर मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं। एजेंसी ने पटियाला हाउस कोर्ट में 15 दिन की कस्टडी की मांग की है।
अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई: अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत पहुंचा अनमोल
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार को गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को IGI एयरपोर्ट पर औपचारिक गिरफ्तारी के बाद सीधे पटियाला हाउस कोर्ट ले जाया गया। सुरक्षा कारणों से कार्यवाही इन-कैमरा की जा रही है।
अमेरिका ने उसे ऐसे समय भारत भेजा है जब भारत लगातार संगठित अपराध के खिलाफ वैश्विक सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, भारत पिछले दो वर्षों से ऐसे मामलों में "क्रॉस-बॉर्डर कोऑपरेशन" को तेज करने पर काम कर रहा था।
क्यों अहम है यह गिरफ्तारी? सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता
NIA अधिकारियों के मुताबिक, अनमोल की गिरफ्तारी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे अंतरराष्ट्रीय क्राइम नेटवर्क पर वार है। एजेंसी का दावा है कि वह विदेश में बैठकर—
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एक्सटॉर्शन रैकेट संचालित करता था
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शार्पशूटर्स को निर्देश देता था
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VPN और विदेशी नंबरों के जरिए टेरर-सिंडिकेट चलाता था
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यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में सुरक्षित ठिकाने तैयार करता था
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हाई-ग्रेड हथियारों की सप्लाई चेन संभालता था
एक वरिष्ठ NIA अधिकारी ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई RC 39/2022 केस का हिस्सा है, जिसका फोकस गैंगस्टर-टेरर नेटवर्क को तोड़ना है।
कई गंभीर मामलों में आरोपी
जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार, अनमोल बिश्नोई निम्नलिखित हाई-प्रोफाइल मामलों में आरोपी है—
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NCP नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में साजिशकर्ता
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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में शामिल
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सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग केस
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हथियार तस्करी और मनी-लॉन्ड्रिंग
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भारत और विदेशों में शार्पशूटर्स की भर्ती
NIA के चार्जशीट में उल्लेख है कि वह 2021 में फरीदाबाद से फर्जी पासपोर्ट लेकर पहले केन्या और बाद में अमेरिका भाग गया था।
गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क कैसे काम करता था
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, बिश्नोई सिंडिकेट 6 से अधिक देशों—
पुर्तगाल, इटली, अमेरिका, बुल्गारिया, तुर्की और दुबई—में फैला है।
गैंग की प्रमुख गतिविधियाँ:
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सुरक्षित घरों (safe houses) की व्यवस्था
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ड्रग और हथियार सप्लाई चेन
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वॉइस-ओवर-इंटरनेट नंबरों के जरिए धमकियां
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अपराध से कमाए धन को विदेश में घुमाकर मनी-लॉन्ड्रिंग
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नाबालिगों की भर्ती कर शूटर तैयार करना
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क राजस्व, सुरक्षा और सीमा पार अपराध पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट में NIA की दलीलें
आज सुनवाई में NIA ने अदालत से कहा कि—
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अनमोल बिश्नोई से कस्टोडियल इंटरोगेशन बेहद आवश्यक है
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उसके कब्जे से कई डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन और संपर्कों तक पहुंच मिल सकती है
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यह एक मल्टी-कंट्री नेटवर्क है जिसके लिए विस्तृत पूछताछ जरूरी है
कोर्ट ने अभी रिमांड पर निर्णय सुरक्षित रखा है।
कानूनी पक्ष: कौन लड़ रहा है केस?
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NIA की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी पेश हैं
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अनमोल का पक्ष एडवोकेट रजनी रख रही हैं
अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है।
भारत की कानून-व्यवस्था के लिए इसका मतलब क्या?
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह गिरफ्तारी तीन स्तरों पर असर डाल सकती है:
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीयता बढ़ेगी, विशेषकर तब जब अमेरिका जैसे देशों ने सहयोग दिखाया है।
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संगठित अपराध और टेरर नेटवर्क पर बड़ा झटका लग सकता है, क्योंकि फंडिंग और ऑपरेशन की कमान विदेश से चल रही थी।
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कई राज्यों की जांच आगे बढ़ेगी, जहां इस गैंग की गतिविधियां सक्रिय थीं।
सोशल मीडिया के लिए 2–3 लाइन का सार
अमेरिका से डिपोर्ट होकर भारत पहुंचे गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को NIA ने IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया। सिद्धू मूसेवाला, बाबा सिद्दीकी हत्या और सलमान खान फायरिंग जैसे मामलों में आरोपी अनमोल की NIA ने 15 दिन की रिमांड मांगी है। उसकी गिरफ्तारी अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
