NHAI ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाया
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए यह अभियान चलाया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | 14 अगस्त 2026
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमों ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राष्ट्रीय राजमार्गों पर से अतिक्रमण हटाने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर कार्रवाई की है। मेहगांव कस्बे के अंतर्गत, NHAI की टीम ने पुलिस और प्रशासन की सहायता से विभिन्न प्रकार से राजमार्ग पर अतिक्रमण करने वालों की पहचान की और उन्हें सूचीबद्ध किया।
यह अभियान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी रिट पिटीशन (सिविल) संख्या 9/2025 के तहत चलाया गया है। न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा और अतिक्रमण हटाने के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इसी क्रम में, NHAI देश भर में राजमार्गों पर अनाधिकृत निर्माणों और कब्जों के खिलाफ सक्रिय है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
मेहगांव क्षेत्र में, राजमार्ग के किनारे दुकानों को आगे बढ़ाकर सामान रखने वाले दुकानदारों को पहले तो सामान हटाने की समझाइश दी गई। इसके बाद, अतिक्रमणकारियों द्वारा राजमार्ग पर रखे गए टायर और अन्य सामान को जब्त कर लिया गया। अभियान के दौरान, राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिन पर चालानी कार्यवाही कर उन्हें हटाया गया।
NHAI ने स्पष्ट किया है कि सभी अतिक्रमणकारियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उनके खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और अपील
इस कार्रवाई में NHAI के रेसिडेंट इंजीनियर कौशलेन्द्र कुमार, कंसाइनर रवि कुमार दुबे, तहसीलदार मनोज धाकड़, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) महेश पुरोहित, थाना प्रभारी मेहगांव रविंद्र शर्मा, प्रधान आरक्षक सतेंद्र, तिलक, दिनेश और शिवकुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।
पुलिस और प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन खड़े न करें, अपनी दुकानों का सामान राजमार्ग पर न रखें, और बिना अनुमति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य राजमार्ग पर न करें। राजमार्गों पर अनाधिकृत ढाँचे, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और अवैध पहुँच मार्ग दृष्टिबाधा उत्पन्न करते हैं, कैरिजवे को संकरा करते हैं और यातायात प्रवाह में बाधा डालते हैं, जिससे गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा होते हैं।
