NH-44 पर बदहाल सड़क: पूर्व मंत्री ने गडकरी को लिखा पत्र, टोल बंद करने की मांग
पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने NH-44 पर मालथौन-झिराघाटी सड़क की जर्जर हालत पर नितिन गडकरी को पत्र लिखा है। उन्होंने तत्काल मरम्मत और टोल बूथ बंद करने की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | सागर | 9 अगस्त 2026
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मालथौन से झिराघाटी तक सड़क की अत्यंत जर्जर और चिंताजनक स्थिति को लेकर मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री हर्ष यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पूर्व मंत्री ने अपने लिखे पत्र में सड़क की तत्काल मरम्मत कराने और इस दौरान संबंधित टोल बूथों को बंद करने का आग्रह किया है।
हर्ष यादव ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर मालथौन से झिराघाटी के बीच सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे प्रतिदिन हजारों वाहन चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस खराब सड़क के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है और कई वाहन भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया है कि सड़क रखरखाव के नाम पर ठेकेदार द्वारा केवल लीपापोती की जा रही है, जिससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
टोल वसूली पर उठाए सवाल
पत्र में पूर्व मंत्री ने टोल टैक्स वसूली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि वाहन चालकों से भारी-भरकम टोल टैक्स वसूलने के बावजूद सड़क की गुणवत्ता वैसी नहीं है, जैसी सुरक्षित और सुगम यातायात के लिए अपेक्षित है। खराब सड़क के कारण वाहन चालकों का अतिरिक्त समय, ईंधन बर्बाद हो रहा है, वाहनों की मरम्मत पर खर्च बढ़ रहा है और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बना हुआ है।
इसी परिप्रेक्ष्य में, हर्ष यादव ने मांग की है कि जब तक सड़क को निर्धारित गुणवत्ता और सुरक्षित यातायात योग्य स्थिति में नहीं लाया जाता, तब तक संबंधित टोल बूथों की वसूली तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जानी चाहिए।
निर्माण की गुणवत्ता पर भी चिंता
पूर्व मंत्री ने पत्र में सड़क के डिवाइडर पर अपेक्षित वृक्षारोपण और हरित पट्टी के अभाव का भी उल्लेख किया है। इसके अतिरिक्त, मार्ग पर निर्मित ओवरब्रिज और अंडरब्रिज की निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थानीय जनता की शिकायतों और असंतोष की ओर भी केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया है।
हर्ष यादव ने इस मामले को केवल सड़क की खराब स्थिति से कहीं अधिक, हजारों यात्रियों की सुरक्षा और जनजीवन से जुड़ा एक गंभीर विषय बताया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पूरे मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने और मालथौन से झिराघाटी तक सड़क की गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी मरम्मत सुनिश्चित कराकर सुरक्षित यातायात बहाल करने का आग्रह किया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्रीय मंत्री के हस्तक्षेप के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभाग इस बदहाल सड़क और टोल वसूली के मुद्दे पर क्या कार्रवाई करते हैं।
