NEET पेपर लीक: काले कपड़ों में विपक्ष का विरोध, संसद में हंगामा
NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में 23 जुलाई 2026 को विपक्षी सांसदों ने संसद में काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 में कथित पेपर लीक के विरोध में आज, 23 जुलाई 2026 को संसद में भारी हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से जवाबदेही तथा परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार बाधित हुई, जिससे राजनीतिक गरमाहट और तेज हो गई।
विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ अपना असंतोष व्यक्त किया। कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने NEET-UG परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि इस परीक्षा में धांधली के कारण लाखों छात्रों के भविष्य पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। प्रदर्शनकारी सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया और परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित लापरवाही के लिए उनकी जवाबदेही तय करने की अपील की।
जंतर-मंतर पर कार्रवाई का मुद्दा उठा
विरोध प्रदर्शन कर रहे विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पर NEET मामले को लेकर विरोध कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने इस कार्रवाई को छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास बताया और कहा कि सरकार युवाओं की चिंताओं को सुनने के बजाय उन्हें कुचलने का काम कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों के प्रति गंभीर नहीं है और केवल लीपापोती करने का प्रयास कर रही है।
संसद में कार्यवाही बाधित, सत्ता पक्ष का पलटवार
NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी सदस्यों द्वारा सदन में जोरदार हंगामा किया गया। विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही को बाधित करने और इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। सत्ता पक्ष की ओर से स्पष्ट किया गया कि सरकार किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और NEET मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। एनडीए नेताओं ने दावा किया कि सरकार इस मामले की गंभीरता को समझती है और प्रभावित छात्रों के साथ खड़ी है।
सत्ता पक्ष ने जोर देकर कहा कि संसद बहस और समाधान का मंच है, न कि केवल विरोध प्रदर्शनों के लिए। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक भूमिका निभाने की अपील की ताकि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकाला जा सके। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, जिससे विधायी कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई।
सियासी टकराव बढ़ने की आशंका
NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के और बढ़ने की उम्मीद है। विपक्ष इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर संकट बता रहा है, वहीं सरकार इसे विपक्ष द्वारा राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास करार दे रही है। मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी इस मुद्दे पर तीखी बहस और हंगामे का सिलसिला जारी रहने की प्रबल संभावना है। यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुधारों और छात्र कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को उठाता है, जिन पर सरकार पर दबाव बना रहेगा।
