NEET परीक्षा धांधली और लाठीचार्ज पर खड़गे का तीखा हमला, संसद में हंगामा
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने NEET परीक्षा में पेपर लीक, घोटालों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने सरकार से जवाबदेही की मांग की, जिससे सदन में हंगामा हुआ।

द क्लिफ न्यूज़ | 21 जुलाई 2026
राज्यसभा में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हुआ जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक, घोटालों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। खड़गे ने इन घटनाओं को सीधे तौर पर 'लोकतंत्र पर हमला' करार देते हुए कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष परीक्षाएं आयोजित कराने में असमर्थ है, तो उसे यह जिम्मेदारी किसी अन्य सक्षम संस्था को सौंप देनी चाहिए।
खड़गे के इस जोरदार हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई और अंततः इसे स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि वे संसद के भीतर और बाहर इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से लगातार जवाब मांगते रहेंगे, जो लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े हैं।
NEET परीक्षा में धांधली और छात्रों के भविष्य पर प्रश्न
नेता प्रतिपक्ष ने NEET परीक्षा में हो रही अनियमितताओं को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परीक्षा का नहीं, बल्कि देश भर के लाखों युवाओं और बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है। परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का विश्वास उठ रहा है। खड़गे ने सरकार की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे स्वयं एक निष्पक्ष परीक्षा संपन्न कराने में सक्षम नहीं हैं, तो उन्हें इस बोझ को किसी ऐसी संस्था पर डालना चाहिए जो इस कार्य को कुशलतापूर्वक कर सके।
जंतर-मंतर पर छात्रों पर कार्रवाई की कड़ी निंदा
मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतरे छात्रों पर इस तरह की बर्बर कार्रवाई कतई स्वीकार्य नहीं है। यह न केवल छात्रों के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी कुठाराघात है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से तत्काल जवाबदेही की मांग कर रहा है।
विपक्ष का आक्रामक रुख जारी
विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वे NEET परीक्षा से जुड़े विवादों, छात्र आंदोलन पर कार्रवाई और अन्य जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। सदन के भीतर और बाहर एक साथ इन मुद्दों को उठाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके और प्रभावित छात्रों को न्याय मिल सके।
