नौगांव उप जेल में गांधी जयंती: बंदियों को सत्य-अहिंसा के रास्ते पर चलने की प्रेरणा
नौगांव उप जेल में गांधी जयंती पर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन हुआ। बंदियों को महात्मा गांधी के जीवन दर्शन, सत्य और अहिंसा के महत्व से...

नौगाँव मध्य प्रदेश | संवाददाता: राकेश पाठक
द क्लिफ न्यूज़ | 2 अक्टूबर 2026
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर नौगांव उप जेल में एक विशेष जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बंदियों को सत्य, अहिंसा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम जैसे गांधीवादी मूल्यों से परिचित कराना तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ उप जेल प्रभारी हिमांशु तिवारी, वार्ड पार्षद जितेंद्र सिंह यादव, समाजसेवी शैलेंद्र सिंह टिंकू राजा यादव और वरिष्ठ पत्रकार संतोष गंगेले कर्मयोगी ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित करके किया। इस दौरान जेल में निरुद्ध बंदियों के बीच फलों का वितरण भी किया गया।
बंदियों को सकारात्मक जीवन जीने के गुर सिखाए गए
संगोष्ठी में वक्ताओं ने बंदियों को महात्मा गांधी के जीवन दर्शन और उनके द्वारा दिखाए गए सत्य व अहिंसा के मार्ग पर चलने के महत्व को समझाया। वार्ड पार्षद जितेंद्र सिंह यादव ने बंदियों से नशे और अपराध की दुनिया से दूर रहने तथा एक स्वस्थ सामाजिक जीवन अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और उनके विचारों को अपनाकर जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।
वरिष्ठ पत्रकार संतोष गंगेले कर्मयोगी ने महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करने, संयम बरतने और परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
जेल में सुधारात्मक गतिविधियों पर जोर
उप जेल प्रभारी हिमांशु तिवारी ने जेल परिसर में बंदियों के लिए संचालित की जा रही विभिन्न सुधारात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने जेल में उपलब्ध सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बंदियों को अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया। तिवारी ने बताया कि इन गतिविधियों का उद्देश्य बंदियों के मानसिक दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से पुनः जोड़ने में मदद करना है।
इस विशेष अवसर पर समाजसेवी शैलेंद्र सिंह टिंकू राजा यादव का जन्मदिन भी जेल में केक काटकर मनाया गया, जिसके उपलक्ष्य में शरद द्विवेदी और भइयन गंगेले ने उपस्थित बंदियों व अधिकारियों के बीच मिष्ठान वितरित किया। इस आयोजन ने जेल के वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया और बंदियों को नई दिशा दिखाने का प्रयास किया।
