नशे से दूरी अभियान: 12 दिन में 1500 से अधिक कार्यक्रम, लाखों तक पहुंचा संदेश
मध्यप्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के 12वें दिन 1500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम हुए। मैराथन, नुक्कड़ नाटक और जन-संवाद से लाखों नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 27 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' को 12 दिन पूरे हो चुके हैं। इस अवधि में प्रदेशभर में 1,500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लाखों नागरिकों तक नशे के दुष्प्रभावों और एक स्वस्थ जीवन के महत्व का संदेश पहुंचाया गया। यह अभियान पुलिस, विभिन्न शासकीय विभागों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और स्थानीय नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से एक बड़े जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है।
अभियान के तहत, पुलिस विभिन्न सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार, हाट-बाजार, शॉपिंग मॉल, विद्यालयों, छात्रावासों, खेल मैदानों, धार्मिक स्थलों और ग्राम पंचायतों में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्परिणामों से अवगत कराना और उन्हें स्वयं तथा अपने परिवार व समाज को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित करना है।
विभिन्न जिलों में जनभागीदारी के अनूठे आयोजन
अभियान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अनूठे और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इंदौर में पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में 10 किलोमीटर की मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। मैराथन के साथ-साथ डिजिटल शपथ कार्यक्रम भी हुआ, जिसने युवाओं को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया। यहां एक अवेयरनेस रथ और एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भी व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार ने भी इंदौर पुलिस की मैराथन में हिस्सा लेकर युवाओं को फिटनेस अपनाने और नशे से दूरी बनाए रखने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
भोपाल में 'रन फॉर लाइफ' मैराथन में लगभग 6,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया और नशामुक्त, स्वस्थ व सुरक्षित समाज के निर्माण का संकल्प लिया। गोविंदपुरा आईएसबीटी में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम जनता को नशे के घातक प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। भोपाल (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक ने रेड एफएम पर प्रदेशवासियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
अनूपपुर जिले में फुटबॉल मैदान, खेल परिसर, बस स्टैंड और ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों व विद्यार्थियों के बीच विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। यहां रंगोली व पेंटिंग प्रतियोगिताओं, वृक्षारोपण और सामूहिक शपथ जैसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। अलीराजपुर में कस्तूरबा गांधी छात्रावास की बालिकाओं को नशे के दुष्प्रभावों के साथ-साथ लैंगिक अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं, साप्ताहिक हाट-बाजारों और छात्रावासों में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए।
व्यापक जन-संपर्क और सामुदायिक सहभागिता
ग्वालियर जिले में व्यापारिक संगठनों, नगर सुरक्षा समितियों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के 79 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, यातायात चौराहों और गांवों में नागरिकों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया और सामूहिक शपथ दिलाई गई। सिवनी में कलम फाउंडेशन के सहयोग से नुक्कड़ नाटक का प्रभावी मंचन हुआ, वहीं विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में शिक्षित किया गया। 23वीं वाहिनी, भोपाल ने नशे के दुष्प्रभावों पर एक लघु फिल्म तैयार की है, जिसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर जन-जागरूकता फैलाई जा रही है।
आगर मालवा, गुना, खरगोन और छतरपुर जिलों में व्यापारिक संगठनों, एनजीओ, नगर एवं ग्राम सुरक्षा समितियों और सामाजिक संस्थाओं ने मिलकर बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और हाट-बाजारों में नशा विरोधी जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में पुलिस अधिकारियों ने आमजन को नशे के सामाजिक और पारिवारिक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उज्जैन में सार्वजनिक स्थलों और बाजार क्षेत्रों में इसी तरह के जनसंवाद हुए। उमरिया में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ वीडियो संदेशों का व्यापक प्रसारण किया गया, जबकि कटनी में बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर नशा विरोधी संवाद के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को जागरूक किया गया।
अभियान का विस्तृत उद्देश्य और भविष्य की दिशा
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान का लक्ष्य केवल नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण में एक सक्रिय भागीदार बनाना है। प्रदेशभर में नागरिकों का बढ़ता उत्साह और सहयोग इस अभियान को एक प्रभावी जनआंदोलन के रूप में स्थापित कर रहा है। पुलिस प्रशासन इस जनभागीदारी को बनाए रखने और अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि प्रदेश से नशे के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति सुनिश्चित की जा सके।
