नशे के विरुद्ध मप्र पुलिस का अभियान: बालाघाट की पहल को विश्व रिकॉर्ड से सम्मान
बालाघाट पुलिस की नशामुक्ति शपथ की पहल को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने सम्मानित किया। 1.25 लाख विद्यार्थियों और 5 लाख से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागियों ने लिया संकल्प।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 30 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान को लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है। इसी कड़ी में, बालाघाट पुलिस द्वारा नशामुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई एक अभिनव पहल को विश्व स्तर पर सराहा गया है। बालाघाट पुलिस ने एक मिनट की सामूहिक नशामुक्ति शपथ के माध्यम से एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जिसमें 1 लाख 25 हजार विद्यार्थियों और 5 लाख से अधिक ऑनलाइन प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस असाधारण जनभागीदारी के लिए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने बालाघाट पुलिस को 'Certificate of Excellence' से सम्मानित किया है।
यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान की सफलता को दर्शाती है। 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अब केवल एक प्रशासनिक प्रयास नहीं, बल्कि जनसहभागिता से एक प्रभावी सामाजिक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। बालाघाट पुलिस द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिले के 1 हजार 204 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने एक साथ नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, पाँच लाख से अधिक नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से इस मुहिम से जुड़कर अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
सामाजिक सहभागिता का नया अध्याय
बालाघाट पुलिस की इस पहल ने नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता और सामाजिक प्रतिबद्धता के एक नए मानक स्थापित किए हैं। एक मिनट की इस सामूहिक शपथ में इतने बड़े पैमाने पर विद्यार्थियों और नागरिकों की ऑनलाइन भागीदारी, नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज में बढ़ती सजगता का प्रमाण है। यह दर्शाता है कि प्रभावी जनजागरूकता के लिए केवल प्रशासनिक निर्देश ही काफी नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवा पीढ़ी, शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। बालाघाट पुलिस का यह प्रयास जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग और सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' की व्यापक पहलें
प्रदेश भर में 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस लगातार विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर रही है। इनमें नशामुक्ति शपथ, जनजागरूकता रैलियां, संवाद कार्यक्रम, खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं शामिल हैं। विद्यालयों और महाविद्यालयों में विशेष रूप से केंद्रित ये कार्यक्रम, युवा पीढ़ी को नशे के दुष्परिणामों से आगाह करने और उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित व नशामुक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में भागीदार बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे हैं। बालाघाट पुलिस की यह विशिष्ट उपलब्धि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है, जो अभियान के प्रति नागरिकों के बढ़ते विश्वास और सामूहिक संकल्प को प्रदर्शित करती है।
अन्य जिलों में भी दर्ज हुई हैं उल्लेखनीय उपलब्धियां
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश पुलिस की नशामुक्ति पहलों को वैश्विक मान्यता मिली हो। विगत दिनों इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने 1 लाख 75 हजार 451 नागरिकों को एक साथ नशामुक्ति की ई-शपथ दिलाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इतना ही नहीं, इंदौर पुलिस ने 8,534 नागरिकों की मानव श्रृंखला बनाकर अपना ही पूर्व विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक ही आयोजन में दो विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने की उल्लेखनीय सफलता भी अर्जित की थी।
इसी क्रम में, बड़वानी पुलिस ने जिले के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में चित्रकला व स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित कीं, जिनमें 16 हजार 700 ड्राइंग शीट्स पर नशामुक्ति का संदेश उकेरा गया। इस सराहनीय कार्य के लिए भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन ने बड़वानी पुलिस को पदक और प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया था। वहीं, बुरहानपुर पुलिस ने 113 विद्यालयों के 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों द्वारा अपने हाथों से नशामुक्ति संबंधी संदेश लिखकर हस्ताक्षर कराने की ऐतिहासिक जनभागीदारी को भी वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा सम्मानित कराया गया।
मध्य प्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों से सक्रिय रूप से 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान से जुड़ने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील कर रही है। यह अभियान युवाओं को एक सकारात्मक और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है।
