नशे के खिलाफ 'नशे से दूरी 2.0' अभियान को मिली वैश्विक पहचान
मध्य प्रदेश पुलिस के 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान ने बड़वानी और बुरहानपुर जिलों में विद्यार्थियों की भागीदारी से वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान बनाया है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 29 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह जनभागीदारी आधारित अभियान, जिसका उद्देश्य नशामुक्त समाज का निर्माण करना है, बड़वानी और बुरहानपुर जिलों में विद्यार्थियों की अभूतपूर्व सहभागिता के कारण एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान के तहत की गई अभिनव पहलों को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज किया गया है, जिससे प्रदेश को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित होने का अवसर मिला है।
अभियान के अंतर्गत, बड़वानी पुलिस ने जिले के विभिन्न शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में नशामुक्ति विषय पर चित्रकला और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया। विद्यार्थियों ने 16,700 से अधिक ड्राइंग शीट्स पर नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने वाले चित्र और नारे तैयार किए। इस रचनात्मक प्रयास को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा मान्यता दी गई और बड़वानी पुलिस का नाम रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। बावनगजा में आयोजित एक समारोह में, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की टीम ने पुलिस अधीक्षक श्री पद्मविलोचन शुक्ल को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सामूहिक संकल्प से रचा गया विश्व रिकॉर्ड
इसी क्रम में, बुरहानपुर पुलिस ने भी एक ऐतिहासिक जनभागीदारी का प्रदर्शन किया। जिले के 113 विद्यालयों के 32 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने एक साथ मिलकर नशामुक्ति संबंधी संदेश लिखकर अपने हस्ताक्षर किए। उन्होंने नशे से दूर रहने और समाज को इस बुराई के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इस सामूहिक प्रयास को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज, फोटोग्राफ, वीडियो और अन्य प्रमाण सत्यापन हेतु प्रेषित किए गए हैं। यह पहल दर्शाती है कि किस प्रकार युवाओं को जोड़कर बड़े सामाजिक बदलाव लाए जा सकते हैं।
दोनों जिलों में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध अपनी रचनात्मकता और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया है, जिससे समाज को एक सकारात्मक संदेश मिला है। यह सहभागिता इस बात की पुष्टि करती है कि नशामुक्ति का अभियान केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना, जनसहभागिता और युवाओं की सक्रिय भूमिका पर आधारित एक जनआंदोलन बन गया है। मध्य प्रदेश पुलिस का मानना है कि नशे के विरुद्ध सबसे प्रभावी लड़ाई जनजागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही जीती जा सकती है।
'नशे से दूरी 2.0': एक बहुआयामी अभियान
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत मध्य प्रदेश पुलिस नशामुक्ति को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। इसमें नशामुक्ति की शपथ दिलाना, जन-जागरूकता रैलियां आयोजित करना, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिताएं, और संवाद कार्यक्रम शामिल हैं। इन रचनात्मक और शैक्षिक पहलों के साथ-साथ, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई भी निरंतर जारी है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना और उन्हें इस बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है।
मध्य प्रदेश पुलिस प्रदेशवासियों से अपील करती है कि वे नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे इस जनआंदोलन में सक्रिय भागीदार बनें। वे युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें और समाज को नशामुक्त बनाने में अपना सहयोग दें। किसी भी प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके और समाज को इस गंभीर खतरे से बचाया जा सके।
