नशे के खिलाफ 'दूरी है जरूरी 2.0' को व्यापक जनसमर्थन, 9 लाख लोगों तक पहुंचा संदेश
मध्यप्रदेश में नशा मुक्ति अभियान 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' को पांचवें दिन 1300 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से 9 लाख नागरिकों का समर्थन मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी अभियान को सराहा।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 20 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” को प्रदेशभर में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस अभियान के पांचवें दिन, यानी 19 जुलाई 2026 तक, प्रदेश के विभिन्न जिलों में 1300 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से 9 लाख से अधिक नागरिकों तक नशामुक्ति का महत्वपूर्ण संदेश पहुंचाया गया।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार संचालित यह अभियान विशेष रूप से युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं, ग्रामीणों, श्रमिकों, वाहन चालकों, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करने पर केंद्रित है।
जनसंवाद, रैलियों और नुक्कड़ नाटकों से बढ़ी जागरूकता
अभियान के तहत पूरे प्रदेश में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें जनजागरूकता रैलियां, वाहन रैलियां, मैराथन दौड़, ग्राम चौपाल, जनसंवाद सत्र, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथों का परिचालन, पोस्टर एवं पंपलेट वितरण, सामूहिक शपथ ग्रहण कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं, तथा चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं जैसी पहलें शामिल हैं।
पुलिस अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय रूप से शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों, औद्योगिक क्षेत्रों, झुग्गी बस्तियों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को नशे से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। कई स्थानों पर विद्यार्थियों और नागरिकों को नशामुक्त जीवन जीने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई है, जो इस अभियान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल ने अभियान को दिया समर्थन
अभियान के पांचवें दिन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने भोपाल देहात के ऐतिहासिक जगदीशपुर (चमन महल) में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान इस महत्वपूर्ण जन-जागरूकता अभियान को अपना बहुमूल्य समर्थन दिया। मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के तहत एक नशामुक्त मध्यप्रदेश बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया और प्रदेशवासियों को नशे से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया, जिससे अभियान को और अधिक बल मिला है।
जिलों में विविध और रचनात्मक कार्यक्रमों का आयोजन
प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभियान को सफल बनाने के लिए विविध एवं स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
अलीराजपुर जिले में 27 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से आदिवासी छात्रावासों और ग्रामीण हाट-बाजारों में जागरूकता अभियान चलाया गया। विशेष रूप से, निमाड़ी बोली में तैयार किए गए नशामुक्ति गीतों का प्रयोग ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए किया गया, जो स्थानीय संस्कृति के साथ जुड़ाव को दर्शाता है।
खंडवा जिले में 28 विभिन्न स्थानों पर बाइक रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, विद्यालयों और छात्रावासों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों से 1.20 लाख से अधिक लोगों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक किया गया।
ग्वालियर में ऑटो और ई-रिक्शा पर नशामुक्ति संदेश वाले पोस्टर लगाए गए, ताकि यह संदेश व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचे। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और शपथ कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
बालाघाट जिले में सरकारी वाहनों पर जागरूकता पोस्टर लगाए गए। झुग्गी बस्तियों और चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष ध्यान केंद्रित किया गया, जहां नशे के आदी लोगों और उनके परिवारों को नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी देकर पुनर्वास के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मंडला जिले में सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हुए जनजातीय क्षेत्रों तक अभियान को प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया। वहीं, खरगोन में महेश्वर सहित 21 स्थानों पर मैराथन, नुक्कड़ नाटक और जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें 17,850 से अधिक लोगों को जागरूक किया गया।
उज्जैन में एक अभिनव रणनीति अपनाई गई, जहां सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ एक बैठक आयोजित की गई। इसका उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अभियान के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। इसके साथ ही, जिले के बस स्टैंड, बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
युवाओं को जोड़ने पर विशेष जोर
अभियान के दौरान युवाओं और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, खेल प्रतियोगिता, प्रश्नोत्तरी, मैराथन और अन्य रचनात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों और वाहिनी परिसरों में भी प्रशिक्षुओं और पुलिस परिवारों को अभियान से जोड़ा गया, जिससे परिवार स्तर पर भी जागरूकता फैले। कई जिलों में पुलिस ने नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के साथ-साथ नशामुक्ति परामर्श और पुनर्वास केंद्रों की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई है।
मध्यप्रदेश पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे स्वयं नशे से दूर रहें, अपने परिवार और समाज को भी जागरूक करें, और नशे के अवैध कारोबार की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का अंतिम उद्देश्य है कि समाज का प्रत्येक वर्ग नशामुक्ति के इस जनआंदोलन का हिस्सा बने और एक स्वस्थ एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दे।
