नर्मदापुरम: सीएमओ ने निरीक्षण कर जलभराव रोकने को दिए निर्देश
नर्मदापुरम नगर पालिका ने बारिश के मौसम को देखते हुए स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त करने का बीड़ा उठाया है। सीएमओ वैभव देशमुख ने जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नाले-नालियों की तत्काल सफाई के निर्देश दिए हैं।

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 22 जुलाई 2026
आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर, नर्मदापुरम नगर पालिका ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने और जलभराव की संभावित समस्या से निपटने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। बुधवार की सुबह मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) वैभव देशमुख ने शहर के विभिन्न इलाकों का विस्तृत निरीक्षण कर मौजूदा स्वच्छता तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और सफाई कर्मियों की टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सीएमओ देशमुख ने विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जहाँ सामान्यतः बारिश के मौसम में जल जमाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने मौके पर पहुंचकर नाले-नालियों की स्थिति का गहन अवलोकन किया और जल निकासी की व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए। सीएमओ ने जोर देकर कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जल निकासी प्रणालियों को पूरी तरह से क्रियाशील और अवरोध मुक्त रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि शहरी जीवन पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
बाजार क्षेत्रों में विशेष ध्यान, नालियों की नियमित सफाई पर जोर
निरीक्षण के दौरान, सीएमओ वैभव देशमुख ने शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों का भी दौरा किया, जहाँ स्वच्छता अभियान के तहत साफ किए गए नाले और नालियों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निकासी में जहाँ भी कोई बाधा दिखाई दे, उसे तुरंत दूर किया जाए। इसके अतिरिक्त, नालियों के चैंबरों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि वर्षा के दौरान पानी के ठहराव की समस्या को उत्पन्न होने से रोका जा सके।
सीएमओ ने स्वच्छता टीम को 'अलर्ट मोड' में रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि बारिश के दिनों में सफाई व्यवस्था की सतत निगरानी आवश्यक है। नाले-नालियों में जमा होने वाला कचरा पानी के बहाव को बाधित करता है, जिससे जलभराव होता है। इसलिए, प्रत्येक सफाई कर्मचारी को अपने-अपने कार्यक्षेत्र का नियमित निरीक्षण करना चाहिए और किसी भी प्रकार की समस्या की सूचना तुरंत नगर पालिका प्रशासन को देनी चाहिए।
इस प्रकार, जल निकासी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सक्रिय हस्तक्षेप की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। नालियों की सफाई न केवल कचरा हटाने तक सीमित है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है कि जल प्रवाह अवरुद्ध न हो, जो अंततः शहरी बाढ़ का कारण बन सकता है। नगर पालिका का यह कदम शहर के बुनियादी ढांचे की मजबूती की ओर एक महत्वपूर्ण पहल है।
जन-सहभागिता की अपील, स्वच्छ शहर के लिए सामूहिक प्रयास
स्वच्छता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से, सीएमओ देशमुख ने अधिकारियों को इसे और तेज गति से संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से बाजार क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। सीएमओ ने इस बात पर जोर दिया कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों का सक्रिय सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस विशेष स्वच्छता अभियान में स्वच्छता निरीक्षक एवं स्वच्छ भारत अभियान प्रभारी अनुराग तिवारी, पर्यवेक्षक संजय लुटारे और नगर पालिका के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे। उन्होंने सीएमओ को चल रही सफाई व्यवस्थाओं और भविष्य की कार्ययोजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
नागरिकों से स्वच्छता अभियान में भागीदारी की अपेक्षा की गई है, क्योंकि जन-सहयोग के बिना किसी भी सरकारी पहल की सफलता अधूरी है। बाजार क्षेत्रों में जहाँ व्यावसायिक गतिविधियाँ अधिक होती हैं, वहाँ कचरा प्रबंधन और स्वच्छता विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों की आवाजाही अधिक होने के कारण सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
नगर पालिका अध्यक्ष की नागरिकों से अपील: सहयोग से रोकें जलभराव
नर्मदापुरम की नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने शहरवासियों और व्यापारियों से इस विशेष स्वच्छता अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें और कचरे को केवल निर्धारित स्थानों पर ही फेंके। श्रीमती यादव ने स्पष्ट किया कि खुले में फेंका गया कचरा बारिश के पानी के साथ बहकर नालियों में पहुँच जाता है, जिससे वे अवरुद्ध हो जाती हैं और जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह अपने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपना योगदान दे। उन्होंने लोगों से पुनः अपील की कि वे कचरा केवल नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराए गए कचरा वाहनों में ही डालें और इस स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें।
यह अपील नागरिकों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराती है। कचरा प्रबंधन एक सामूहिक जिम्मेदारी है, और जब नागरिक अपने दैनिक जीवन में इन आदतों को अपनाते हैं, तो वे प्रत्यक्ष रूप से शहर की स्वच्छता और जल निकासी प्रणालियों पर पड़ने वाले बोझ को कम करते हैं। छोटे-छोटे व्यक्तिगत प्रयास भी एक बड़े सामूहिक परिणाम में योगदान कर सकते हैं।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा बारिश के मद्देनजर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में जलभराव की समस्या को प्रभावी ढंग से रोकना और नागरिकों को एक स्वच्छ तथा सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी दिनों में भी स्वच्छता और जल निकासी व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
यह निरंतर निगरानी यह सुनिश्चित करेगी कि सफाई कार्य केवल एक प्रारंभिक चरण तक सीमित न रहे, बल्कि एक स्थायी प्रक्रिया बनी रहे। बारिश के मौसम में, विशेषकर भारी वर्षा के दौरान, जल निकासी प्रणालियों का प्रभावी कार्य करना शहर के जीवन की सामान्य गति को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। नगर पालिका का यह प्रयास शहर के निवासियों के लिए एक सुरक्षित और अधिक रहने योग्य वातावरण बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
