नर्मदापुरम में दक्षिणेश्वर की तर्ज पर बनेगी भव्य कालीबाड़ी
नर्मदापुरम में बंगाली वेलफेयर एसोसिएशन ने शारदीय दुर्गा पूजा की तैयारियों के साथ शहर में एक नई कालीबाड़ी के निर्माण का निर्णय लिया है।
द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 26 सितंबर 2026
नर्मदापुरम में बंगाली समाज एक भव्य कालीबाड़ी की स्थापना की ओर कदम बढ़ा रहा है। बांगाली वेलफेयर एसोसिएशन ने आगामी शारदीय दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के साथ-साथ शहर में कोलकाता के दक्षिणेश्वर कालीबाड़ी की तर्ज पर एक नए मंदिर के निर्माण का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह पहल न केवल बंगाली समुदाय के लिए बल्कि संपूर्ण शहर के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है।
कोठी बाजार स्थित आरसीसी मॉल के रूफटॉप पर आयोजित एसोसिएशन की बैठक में विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के दिवंगत सदस्यों, विशेष रूप से पूर्व सचिव स्वर्गीय नीलकांत घोष और वरिष्ठ सदस्य स्वर्गीय अनूप मित्रा को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी स्मृति को नमन किया।
एसोसिएशन का विधिवत गठन और समाज निधि का समर्पण
बैठक के दौरान संगठन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। सर्वसम्मति से 'बाँगाली वेलफेयर एसोसिएशन, नर्मदापुरम' का मध्यप्रदेश सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 के तहत विधिवत गठन सुनिश्चित किया गया। इस गठन प्रक्रिया के साथ ही समाज निधि के संविलयन का मुद्दा भी उठा। पूर्व में समाज के सहयोग से चार लाख रुपये की राशि स्वर्गीय नीलकांत घोष के बैंक खाते में जमा थी। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए, उनके भतीजे और विधिक नॉमिनी शानू घोष ने इस राशि को एसोसिएशन को वापस सौंप दिया, जिसका उपयोग प्रस्तावित कालीबाड़ी के निर्माण में किया जाएगा।
दक्षिणेश्वर की तर्ज पर दिव्य कालीबाड़ी का निर्माण
बैठक का सबसे निर्णायक प्रस्ताव नगर में एक भव्य कालीबाड़ी का निर्माण करना रहा। सदस्यों ने एकमत होकर यह प्रस्ताव पारित किया कि कोलकाता के प्रसिद्ध दक्षिणेश्वर कालीबाड़ी की वास्तुकला और भव्यता से प्रेरित होकर नर्मदापुरम में एक दिव्य मंदिर की स्थापना की जाएगी। इस मंदिर का उद्देश्य बंगाली समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को संजोना है, साथ ही यह सभी धर्मों और समुदायों के लोगों के लिए एक पवित्र स्थल के रूप में विकसित होगा।
भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव की रूपरेखा
दुर्गा पूजा महोत्सव के सफल आयोजन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। पदाधिकारियों ने आयोजन स्थल के चयन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, चंदा संग्रह की रणनीति और प्रतिदिन होने वाले भोग वितरण की व्यवस्था पर गहन चर्चा की। सदस्यों ने अपने बहुमूल्य सुझावों से इस वर्ष के महोत्सव को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक भव्य बनाने का संकल्प लिया। इस दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए सदस्यों के बीच कार्य विभाजन भी किया गया, जिससे प्रत्येक सदस्य को उनकी जिम्मेदारी सौंपी जा सके। एसोसिएशन के पदाधिकारी अब जनसहयोग से इस निर्माण कार्य और महोत्सव की तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे, जिससे यह कालीबाड़ी नर्मदापुरम के सांस्कृतिक मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण पहचान बन सके।
