नर्मदापुरम में आवारा पशुओं के खिलाफ अभियान, 34 मवेशियों को गोशाला भेजा
नर्मदापुरम नगर पालिका ने शहर को आवारा मवेशियों से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया। 34 मवेशियों को गोशाला भेजा गया और दो पशुपालकों...
द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 18 सितंबर 2026
नर्मदापुरम शहर में आवारा और निराश्रित मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका का हाका दल सक्रिय हो गया है। नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव और मुख्य नगरपालिका अधिकारी वैभव देशमुख के निर्देश पर शहर को इन पशुओं से मुक्त कराने हेतु एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
इस अभियान के तहत, हाका दल प्रभारी गगन सोनी के नेतृत्व में दल ने वार्ड-29 सिंधी कॉलोनी, संजय नगर, पंचवटी परिसर और पहाड़िया जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई की। इस मुहिम के दौरान, दल ने कुल 34 निराश्रित मवेशियों को पकड़ा। पकड़े गए सभी मवेशियों को सुरक्षित रूप से केंद्रीय जेल परिसर में स्थित गोशाला में भिजवा दिया गया है, ताकि वे सड़क पर यातायात बाधित न करें और सुरक्षित रह सकें। यह कदम शहर की सुंदरता और सुरक्षा दोनों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।
लापरवाह पशुपालकों पर कार्रवाई
अभियान के दौरान, नगर पालिका दल ने दो ऐसे पशुपालकों की पहचान की, जो अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला छोड़ रहे थे। इन लापरवाह पशुपालकों पर नगर पालिका ने 1000 रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके साथ ही, उन्हें भविष्य में ऐसी गलती न करने की कड़ी चेतावनी भी दी गई है और सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने पशुओं को नियंत्रित रखें। यह कार्रवाई अन्य पशुपालकों के लिए एक मिसाल साबित होगी और उन्हें नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगी।
पशुपालकों से अपील और भविष्य की चेतावनी
नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने शहर के सभी पशुपालकों से एक विशेष अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि वे अपने मवेशियों को सड़कों पर खुला न छोड़ें, बल्कि उन्हें अपने घरों या बाड़ों में ही बांधकर रखें। उन्होंने रेखांकित किया कि सड़कों पर मवेशियों के घूमने से न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि कई बार ये पशु सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल भी हो जाते हैं, जिससे मानव जीवन भी खतरे में पड़ जाता है। इस प्रकार की घटनाओं से न केवल पशुधन की हानि होती है, बल्कि मानवीय क्षति की भी आशंका बनी रहती है। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। यह सुनिश्चित करेगा कि शहर के सभी नागरिक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में रह सकें।
नगर पालिका के इस प्रयास का उद्देश्य शहर में आवारा मवेशियों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाना और उन्हें सड़कों से हटाकर एक सुरक्षित आश्रय प्रदान करना है। केंद्रीय जेल स्थित गोशाला में इन मवेशियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे स्वस्थ और सुरक्षित रहें। यह अभियान नगर पालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह शहर को एक बेहतर और सुरक्षित स्थान बनाने के लिए कटिबद्ध है। भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रखने की योजना है, ताकि समस्या जड़ से खत्म हो सके।
