नर्मदापुरम में 51 हजार दीयों से पीएम मोदी का 25 साल का सेवाकाल आलोकित
नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर प्रधानमंत्री के 25 वर्ष के सेवाकाल के उपलक्ष्य में 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए। महाआरती और नर्मदाष्टक के पाठ...

द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 18 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में नर्मदापुरम के ऐतिहासिक सेठानी घाट पर एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस 'आशीर्वाद का दिया' कार्यक्रम के तहत 51 हजार दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे नर्मदा का तट दीपावली जैसी आभा से जगमगा उठा। इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों ने सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
17 सितंबर को आयोजित हुए इस दीपोत्सव में हजारों की संख्या में नागरिक उपस्थित हुए। दीपों की स्वर्णिम रोशनी से अलौकिक दृश्य निर्मित हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन और सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
भव्य आयोजन और भक्तिमय माहौल
कार्यक्रम की शोभा मां नर्मदा की दिव्य महाआरती और नर्मदाष्टक के सामूहिक सस्वर पाठ से और भी बढ़ गई। श्रद्धालुओं ने एक साथ मां नर्मदा की स्तुति की, जिससे घाट का वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया। इस आयोजन में आकर्षक आतिशबाजी का भी प्रदर्शन किया गया, जिसने उपस्थित नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी और श्रीमती माया नारोलिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा और एसपी श्री साई कृष्ण एस थोटा ने भी नागरिकों के साथ इस अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
'सेवा से संकल्प' अभियान का उद्देश्य
यह दीपोत्सव 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले 'सेवा से संकल्प' अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनसेवा, सुशासन और सामाजिक सहभागिता को और अधिक सशक्त बनाना है। नर्मदापुरम में आयोजित इस दीपोत्सव ने न केवल जिले की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को एक नई गरिमा प्रदान की, बल्कि नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से अभियान की सार्थकता को भी सिद्ध किया। सेठानी घाट पर दीपों की कतारों और मां नर्मदा की पावन धारा के संगम ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया।
