नर्मदापुरम के 46 गांवों को सतही जल से मिलेगी राहत, भूजल संकट पर बनी योजना
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में नर्मदापुरम जिले के 46 गांवों में भूजल संकट का मुद्दा उठा। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने सतही जल आधारित समूह जल प्रदाय योजना का प्रस्ताव दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 12 अगस्त 2026
नई दिल्ली के मध्यप्रदेश भवन में बुधवार को आयोजित जल जीवन मिशन (JJM) 2.0 की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नर्मदापुरम जिले के 46 गांवों को भूजल संकट से निजात दिलाने के लिए सतही जल पर आधारित समूह जल प्रदाय योजना लागू करने का प्रस्ताव प्रमुखता से उठाया गया। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने जिले की गंभीर जल समस्या को केंद्रीय मंत्रियों और अन्य जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखा।
सांसद नारोलिया ने बताया कि नर्मदापुरम जिले के सिवनीमालवा, केसला और पिपरिया विकासखंडों में स्थित 46 गांवों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। उन्होंने इस स्थिति को भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में भूजल का अत्यधिक दोहन और अपर्याप्त पुनर्भरण एक चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है।
स्थायी समाधान की ओर कदम
इस गंभीर समस्या के स्थायी और तकनीकी रूप से उपयुक्त समाधान के लिए, सांसद नारोलिया ने भूजल पर निर्भरता कम करने का सुझाव दिया। उन्होंने नर्मदा नदी और क्षेत्र के प्रमुख जलाशयों के सतही जल का उपयोग करके एक 'समूह जल प्रदाय योजना' शुरू करने का प्रस्ताव रखा। उनके अनुसार, इस तरह की योजना इन गांवों की एक बड़ी आबादी को दीर्घकालिक जल सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने 'हर घर नल से जल' योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। सांसद नारोलिया ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल हर घर तक नल पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिले। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्थानीय जल स्रोतों और परिस्थितियों के अनुरूप टिकाऊ जलापूर्ति व्यवस्था विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में अन्य गणमान्य अतिथि
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना, केंद्रीय जलशक्ति राज्यमंत्री राजभूषण चौधरी, केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक, केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मध्यप्रदेश से राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों ने भी बैठक में भाग लिया और प्रदेश से जुड़े जलापूर्ति तथा जल संरक्षण के विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार और सुझाव रखे।
नर्मदापुरम जिले के 46 गांवों के लिए सतही जल आधारित समूह जल प्रदाय योजना की मांग को बैठक में गंभीरता से लिए जाने को क्षेत्र की दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह कदम भूजल पर बढ़ते दबाव को कम करने और पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
