नर्मदापुरम: अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 150 किलो लहान जब्त
नर्मदापुरम में जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने नर्मदा तट के 5 किमी दायरे में तलाशी अभियान चलाकर भारी मात्रा में अवैध...
द क्लिफ न्यूज़ डेस्क | संवाददाता: मुकेश भदौरिया
द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 26 सितंबर 2026
नर्मदापुरम में जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने नर्मदा नदी के तटवर्ती इलाकों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया है। इस संयुक्त कार्रवाई में, नर्मदा नदी के पांच किलोमीटर के संवेदनशील दायरे में संदिग्ध ठिकानों पर छापामारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप भारी मात्रा में अवैध मदिरा और कच्चा माल (लहान) जब्त किया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार को रोकने और लोगों को सुरक्षित रखने के प्रशासन के प्रयासों का हिस्सा है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश पर और जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी के सक्रिय मार्गदर्शन में यह विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान, आबकारी विभाग की टीम ने विशेष रूप से नर्मदा नदी के किनारे बसे बालागंज, मालाखेड़ी, गिन्नी कंपाउंड, बंगाली कॉलोनी सिकलीकर, बीटी आई मदरवाड़ा, पिचिन घाट और सेठ गुरु प्रसाद स्कूल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इन क्षेत्रों में अक्सर अवैध शराब निर्माण और बिक्री की गतिविधियों की शिकायतें मिलती रहती हैं, जिसके कारण प्रशासन ने इन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया।
नर्मदा तट के पांच किलोमीटर दायरे में संदिग्ध ठिकानों पर की गई छापामारी
इस व्यापक तलाशी अभियान के दौरान, प्रशासन की टीमों ने कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। इन छापों का मुख्य उद्देश्य अवैध शराब के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (लहान) और तैयार शराब को जब्त करना था। कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों को मौके से बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री मिली। इसमें 45 क्वार्टर देशी प्लेन शराब, 40 बल्क लीटर कच्ची हाथ भट्टी शराब और 150 किलोग्राम लहान शामिल है। इस जब्त की गई सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 27,000 रुपये आंका गया है, जो अवैध शराब के कारोबार के पैमाने को दर्शाता है। इस प्रकार की बरामदगी क्षेत्र में अवैध शराब के उत्पादन के गंभीर खतरे को उजागर करती है।
आबकारी विभाग ने मध्य प्रदेश अधिनियम के तहत पांच अलग-अलग प्रकरण किए दर्ज
प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार करने वाले लोगों में खलबली मच गई है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध शराब के उत्पादन, भंडारण और बिक्री के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इस मामले में, मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) (क) के तहत कुल पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों के दर्ज होने से अवैध शराब कारोबारियों पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। यह कार्रवाई स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि प्रशासन इस तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
जिला आबकारी अधिकारी डॉ. राजीव प्रसाद द्विवेदी ने इस अवसर पर स्पष्ट किया है कि नर्मदा तट को किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों, विशेषकर अवैध शराब के कारोबार से मुक्त रखने के लिए यह विशेष अभियान भविष्य में भी इसी तीव्रता से निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि संदिग्ध गतिविधियों की किसी भी सूचना पर विभाग द्वारा तुरंत कार्रवाई की जाएगी और इसी तरह की सख्त कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह निरंतर निगरानी और कार्रवाई का आश्वासन स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा।
संयुक्त अभियान में पुलिस और आबकारी विभाग की समन्वयित भूमिका
इस पूरे संयुक्त अभियान में आबकारी विभाग के साथ-साथ पुलिस विभाग के जवानों ने भी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस संयुक्त कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी अभिलाष पाठक, उप निरीक्षक आरपी निमोदा, हितेश बिसोरिया, मुख्य आरक्षक दुर्गा प्रसाद मांझी, राजेश गौर के साथ-साथ आबकारी और पुलिस विभाग के अन्य आरक्षकों ने अपनी टीम भावना और समर्पण का परिचय दिया। इन सभी अधिकारियों और जवानों के सामूहिक प्रयासों से ही यह सघन अभियान सफल हो सका।
जिला प्रशासन क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और गश्त कर रहा है। इस तरह की कार्रवाईयां न केवल अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाती हैं, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा की भावना को भी बढ़ाती हैं। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। नर्मदा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में ऐसे अभियान जारी रहेंगे ताकि इन महत्वपूर्ण जलस्रोतों की पवित्रता और आसपास के वातावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
