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नरेला रक्षाबंधन महोत्सव: चौथे दिन 31 हजार से अधिक बहनों ने बांधी राखी

भोपाल में नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का चौथा दिन संपन्न हुआ, जिसमें 31,117 बहनों ने मंत्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधा। विभिन्न धर्मों की बहनों की भागीदारी ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

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नरेला रक्षाबंधन महोत्सव: चौथे दिन 31 हजार से अधिक बहनों ने बांधी राखी

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 5 सितंबर 2026

मध्य प्रदेश के भोपाल में आयोजित विश्व के सबसे बड़े माने जा रहे नरेला रक्षाबंधन महोत्सव के चौथे दिन, शनिवार को सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग को 31 हजार 117 बहनों ने राखी बांधकर अपना स्नेह और आशीर्वाद व्यक्त किया। यह आयोजन वार्ड क्रमांक 71 और 79 में संपन्न हुआ, जहाँ विभिन्न धर्मों, समुदायों और सामाजिक पृष्ठभूमि की बहनों ने एक साथ आकर न केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व मनाया, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का एक सशक्त संदेश भी दिया। इस वर्ष के महोत्सव में बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी, विशेषकर GenZ बहनों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगाए।

मंत्री श्री सारंग ने इस अवसर पर उपस्थित बहनों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम, स्नेह और रिश्तों की भावना किसी विशेष धर्म या समुदाय की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सार्वभौमिक मूल्य है। उन्होंने बहनों द्वारा एक-दूसरे के साथ मिलकर रक्षाबंधन का पर्व मनाए जाने की सराहना करते हुए कहा कि स्नेह और विश्वास का यह बंधन समाज को जोड़ने वाली सबसे मजबूत कड़ी है। मंत्री सारंग ने इस बात पर जोर दिया कि विविधता में एकता ही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान और शक्ति है, जिसे इस महोत्सव में जीवंत रूप में देखा गया।

विविधता में एकता का प्रतीक बना महोत्सव

नरेला रक्षाबंधन महोत्सव 2026 अपने चौथे दिन एक ऐसे संगम का गवाह बना जहाँ हिंदू, सिख, मुस्लिम और अन्य विभिन्न समुदायों की बहनों ने एक साथ आकर मंत्री श्री विश्वास सारंग को राखी बांधी। यह सहभागिता केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं थी, बल्कि यह भारत की उस महान भावना का प्रतीक थी जो विभिन्नताओं को अपनाकर सबको एक सूत्र में पिरोती है। अलग-अलग आस्थाओं और सामाजिक पृष्ठभूमियों से आई इन बहनों की एकजुटता ने यह साबित किया कि प्रेम और विश्वास के धागे किसी भी प्रकार के बंधनों से परे होते हैं। यह आयोजन सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के महापर्व के रूप में स्थापित हो रहा है, जहाँ आपसी विश्वास और सौहार्द की भावना को बल मिलता है।

युवा पीढ़ी की उत्साहपूर्ण सहभागिता

इस वर्ष के नरेला रक्षाबंधन महोत्सव में 'GenZ' कहे जाने वाले युवा वर्ग की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। वार्ड क्रमांक 71 और 79 में आयोजित चौथे दिन के कार्यक्रम में युवा बहनों ने पूरे उत्साह, उमंग और आत्मीयता के साथ मंत्री श्री सारंग को राखी बांधी और उनका आशीर्वाद लिया। उनकी यह सहभागिता न केवल महोत्सव की शोभा बढ़ाई, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आज की युवा पीढ़ी भारतीय परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव के प्रति गहरी आस्था रखती है। यह जुड़ाव भारतीय संस्कृति के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जहाँ आधुनिकता और परंपरा का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है।

पिछले वर्ष का रिकॉर्ड टूटने की ओर

महोत्सव के पिछले दिन, यानी तीसरे दिन, मंत्री श्री सारंग को 29 हजार 179 बहनों ने रक्षासूत्र बांधकर आशीर्वाद प्रदान किया था। वर्तमान वर्ष में बहनों का उत्साह और सहभागिता जिस गति से बढ़ रही है, उसे देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को पार किया जा सकता है। पिछले वर्ष 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने मंत्री श्री सारंग को राखी बांधी थी। इस वर्ष की अभूतपूर्व भागीदारी को देखते हुए आयोजक पिछले वर्ष के इस कीर्तिमान को तोड़ने को लेकर आशान्वित हैं।

आगामी कार्यक्रम की रूपरेखा

नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का यह उत्सव अभी जारी रहेगा। आगामी 6 सितंबर 2026 को भी कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में वार्ड क्रमांक 36 में प्रातः 11:00 बजे, वार्ड क्रमांक 70 में दोपहर 01:00 बजे, और वार्ड क्रमांक 37 में शाम 04:00 बजे बहनों का जमघट लगेगा। इन आयोजनों में भी हजारों की संख्या में बहनें पहुंचकर मंत्री श्री विश्वास सारंग को रक्षासूत्र बांधेंगी और इस महापर्व की श्रृंखला को आगे बढ़ाएंगी। यह महोत्सव न केवल व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत कर रहा है, बल्कि पूरे समाज में स्नेह, सौहार्द और एकता की भावना को भी प्रगाढ़ कर रहा है।