नरवाई जलाने पर किसान पर ₹5000 का जुर्माना, प्रशासन की सख्त कार्रवाई
गुना जिले के कड़ईखेड़ा गांव में फसल अवशेष जलाने पर किसान सुरेश कुमार पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण पर...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 16 अक्टूबर 2026
गुना जिले में फसल अवशेष जलाने के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर किशोर कन्याल के निर्देश पर एसडीएम राघौगढ़ अमित सोनी ने मधुसूदनगढ़ तहसील के ग्राम कड़ईखेड़ा में एक किसान पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई सर्वे क्रमांक 53/1 पर स्थित भूमि पर नरवाई (फसल अवशेष) जलाए जाने के मामले में की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमिस्वामी सुरेश कुमार पिता हेमराज पर अधिरोपित इस जुर्माने की राशि की वसूली कर उसे शासकीय कोष में जमा करने के निर्देश संबंधित तहसीलदारों को दिए गए हैं। चालान की प्रति संलग्न करने का भी आदेश जारी किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य पर जोर
प्रशासनिक अधिकारियों ने इस कार्रवाई के पीछे पर्यावरण संरक्षण और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के उद्देश्यों को रेखांकित किया। यह बताया गया कि खेतों में फसल अवशेष जलाने से न केवल वायुमंडल में प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी घटती है। इसके अतिरिक्त, इससे जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और आग लगने की स्थिति में आसपास की संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
जागरूकता अभियान और किसानों को प्रोत्साहन
नरवाई जलाने की प्रथा को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। राजस्व एवं कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम ने ग्राम रमडी का दौरा कर सर्वे क्रमांक 416/2 के भूमिस्वामी कल्याण सिंह मीणा के खेत का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग के बारे में जानकारी दी और इस संबंध में जागरूकता पेंपलेट भी वितरित किए।
स्थानीय कृषकों ने नरवाई न जलाने का संकल्प व्यक्त किया है और अन्य किसानों से भी इस हानिकारक प्रथा को त्यागने की अपील की है। जिला प्रशासन इस मुद्दे पर लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सके।
