नरवाई जलाने के खिलाफ गुना में विशेष रथ रवाना, किसानों को किया जाएगा जागरूक
गुना जिले में नरवाई जलाने पर अंकुश के लिए कलेक्टर ने विशेष रथ रवाना किया। यह रथ किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों व उन्नत...

गुना | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 12 अक्टूबर 2026
गुना जिले में खेतों में नरवाई (पराली) जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। सोमवार को कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने कलेक्ट्रेट परिसर से 'नरवाई प्रबंधन रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न गांवों में किसानों को पराली जलाने के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा।
सहायक कृषि यंत्री कार्यालय द्वारा संचालित यह विशेष वाहन किसानों को बताएगा कि कैसे पराली जलाना न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति को कम करता है, बल्कि वायु प्रदूषण को भी बढ़ाता है। इसके अलावा, इस प्रक्रिया में मिट्टी के लिए फायदेमंद मित्र कीट और सूक्ष्मजीवों का भी विनाश होता है।
उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग पर जोर
नरवाई प्रबंधन रथ के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसमें सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर, हार्वेस्टर विद स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम और बेलर जैसे यंत्र शामिल हैं। इन यंत्रों के उपयोग से पराली को खेत में ही प्रबंधन योग्य बनाया जा सकता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचता।
इस अवसर पर उपसंचालक कृषि संजीव शर्मा, उपसंचालक उद्यानिकी केपीएस किरार, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और मिट्टी की गुणवत्ता व जैव विविधता को दीर्घकालिक नुकसान से बचाएं। यह कदम कृषि भूमि के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
