नरसिंहपुर: कलेक्टर ने बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा की, ऋण लक्ष्यों को गति देने के निर्देश
नरसिंहपुर की कलेक्टर रजनी सिंह ने बैंकिंग योजनाओं और ऋण वितरण की समीक्षा की। उन्होंने शासकीय योजनाओं के तहत ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के...

Narsihpur | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहपुर | 14 सितंबर 2026
नरसिंहपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समन्वय एवं समीक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने की। इस बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ अंकुश सिन्हा, अग्रणी जिला प्रबंधक विकास पवार, विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिले के बैंकों के जिला समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में संचालित बैंकिंग गतिविधियों और शासकीय योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को ऋण सुविधा प्रदान करने की प्रगति का विस्तृत आकलन करना था।
बैठक के दौरान, कलेक्टर ने जून 2026 तक के जमा-साख अनुपात, वार्षिक साख योजना और बैंकवार अग्रिम उपलब्धियों की सघन समीक्षा की। जिले में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की वर्तमान स्थिति पर भी गहन चर्चा की गई। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्व-सहायता समूहों के कार्यों की प्रगति का भी ब्योरा लिया गया।
अन्य योजनाओं और ऋण प्रकरणों पर चर्चा
कलेक्टर ने पशुपालन, मत्स्य पालन, जनजातीय कार्य, अंत्यावसायी और उद्यानिकी जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़ी योजनाओं की स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने आरसेटी (RSETI) के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी ली और इस दिशा में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
ऋण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निर्देश
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति पर जोर देते हुए, कलेक्टर रजनी सिंह ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक त्वरित गति से पहुंचाना बैंक और विभागीय अधिकारियों की प्रमुख जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऋण प्रकरणों के निपटान में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो। यदि बैंक स्तर पर कोई तकनीकी या प्रक्रियात्मक बाधा आती है, तो संबंधित विभागीय अधिकारी तत्काल बैंक समन्वयकों से संपर्क स्थापित कर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने योजनाओं की लक्ष्यवार और समयबद्ध प्रगति पर निरंतर निगरानी रखने के भी निर्देश दिए, ताकि विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
