नरसिंहपुर जेल का निरीक्षण: न्यायिक अधिकारियों ने परखीं बंदियों की सुविधाएं
नरसिंहपुर केंद्रीय जेल में प्रधान न्यायाधीश, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षण कर बंदियों को मिलने वाली कानूनी सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा...

Narsihpur | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहपुर | 15 अक्टूबर 2026
नरसिंहपुर स्थित केंद्रीय जेल में गुरुवार को जिला एवं प्रधान न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला, कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने एक संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों को प्रदान की जा रही मूलभूत सुविधाओं और विधिक सहायता से संबंधित व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया। यह निरीक्षण न्यायिक प्रक्रिया के सुचारू संचालन और बंदियों के अधिकारों के संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
निरीक्षण के दौरान प्रधान न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने जेल के भीतर जाकर बंदियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने बंदियों से इस बात की जानकारी ली कि उन्हें अपने कानूनी प्रकरणों में पर्याप्त विधिक सहायता प्राप्त हो रही है या नहीं। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया के तहत बंदियों को मिलने वाली कानूनी मदद की स्थिति का आकलन करना था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी बंदी कानूनी परामर्श से वंचित न रहे।
न्यायिक सहायता और बंदियों से सीधा संवाद
प्रधान न्यायाधीश शुक्ला ने बंदियों के साथ व्यक्तिगत रूप से चर्चा करते हुए उनकी चिंताओं और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। उन्होंने जोर दिया कि सभी बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए और उन्हें उचित कानूनी सलाह उपलब्ध कराई जाए। यह संवाद बंदियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर था जहाँ वे सीधे न्यायिक अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सके। उन्होंने बंदियों की शिकायतों को ध्यान से सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा और रसोई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
अधिकारियों ने जेल की रसोई का भी निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों और वितरण व्यवस्था का अवलोकन किया। यह सुनिश्चित किया गया कि बंदियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिले। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से, जेल की निगरानी प्रणाली की गहन समीक्षा की गई। इसमें सीसीटीवी कैमरों के संचालन और जेल परिसर की समग्र सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जेल में सुरक्षा और निगरानी तंत्र का सुचारू संचालन अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का भी किया मूल्यांकन
निरीक्षण दल ने जेल में स्थापित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष का भी दौरा किया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली न्यायालयीन कार्यवाही की व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया। यह सुविधा बंदियों को बिना जेल से बाहर निकाले न्यायालयीन प्रक्रिया में भाग लेने में सक्षम बनाती है, जिससे सुरक्षा और समय दोनों की बचत होती है। इस दौरान, अधिकारियों ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों को नियमानुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और सुरक्षा व्यवस्था को हर समय चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। इस संयुक्त निरीक्षण के समय विधिक सहायता अधिकारी राजेश कुमार सक्सेना और जेल का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने जेल परिसर की स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने पर विशेष बल दिया, जो एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण के लिए आवश्यक है।
