नरसिंहगढ़ में वंदे मातरम् के 150 वर्ष: राष्ट्रभक्ति का सामूहिक गान
नरसिंहगढ़ के सरस्वती विद्या मंदिर में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर 'नमामि भारतम्' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 365 लोगों ने...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 25 सितंबर 2026
नरसिंहगढ़ में राष्ट्रभक्ति के सुरों के बीच वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक उपलक्ष्य मनाया गया। विद्या भारती मध्य भारत प्रांत की 'भारत का योजना' के अंतर्गत सरस्वती विद्या मंदिर में 'नमामि भारतम्, वंदे मातरम्' कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 365 विद्यार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने एक साथ राष्ट्रभक्ति गीत का गान किया। यह आयोजन वर्ष 1876 से 2026 तक की वंदे मातरम् की गौरवशाली यात्रा के उपलक्ष्य में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जीवन ज्योति समिति के अध्यक्ष एडवोकेट दिनेश शर्मा ने की। मुख्य वक्ता रविन्द्र पोद्दार ने वंदे मातरम् से जुड़े ऐतिहासिक संघर्षों और इसके महत्व पर एक ओजस्वी वृतांत साझा किया, जिसने उपस्थित लोगों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और प्रगाढ़ किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में पर्वत सिंह लहरी, जय नारायण शुक्ला, रविन्द्र यादव और शोभा उमठ ने महत्वपूर्ण व्यवस्था संभाली। पर्यवेक्षक के रूप में प्राचार्य बी.डी. सक्सेना भी उपस्थित रहे। समिति के सदस्य प्रदीप उदावत, मयंक प्रताप राजावत, भरत झंवर, यशवंत उमठ, दामोदर उदावत और डॉ. वंदना भारतीय ने भी इस आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
अन्य शिक्षण संस्थानों में भी गूंजा राष्ट्रगान
यह विशेष आयोजन नरसिंहगढ़ के अन्य शिक्षण संस्थानों में भी उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। श्री राम कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, सूरज पोल में प्राचार्य सुभाष यादव के संयोजन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता भगवत सिंह चंद्रावत ने अपने विचारों से छात्रों को प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में डॉ. पारीक और लगभग 200 छात्र उपस्थित रहे, जिन्होंने राष्ट्रभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर वंदे मातरम् का गान किया।
इसी श्रृंखला में न्यू फ्यूचर एजुकेशन एकेडमी, छोटा बैरसिया में भी एक भव्य आयोजन किया गया। पूर्व छात्र अखिलेश यादव के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में 300 छात्र और 25 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। इन सभी आयोजनों का मुख्य उद्देश्य वंदे मातरम् के 150 वर्षों के गौरवशाली इतिहास को स्मरण करना और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना को जागृत करना था। सभी स्थानों पर राष्ट्रभक्ति के भाव के साथ कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण हुए, जिससे विद्यालय परिवारों और गणमान्य जनों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बना दिया।
