नरसिंहगढ़ में वैश्य महासम्मेलन: प्रतिभाओं का सम्मान और संगठन को मजबूती पर जोर
नरसिंहगढ़ में आयोजित प्रदेश वैश्य महासम्मेलन में समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। संगठन की मजबूती, एकता और नई पीढ़ी को जोड़ने पर वक्ताओं ने बल दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 23 अगस्त 2026
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर स्थित होटल मनरतन रिसोर्ट में मध्यप्रदेश वैश्य महासम्मेलन का भोपाल संभागीय सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह रविवार को भव्यता के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जहाँ संगठन को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और नई पीढ़ी को समाज से जोड़ने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर समाज की मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित भी किया गया।
सम्मेलन का आयोजन राजगढ़ जिला इकाई द्वारा किया गया था, जिसकी तैयारियों में पिछले कई दिनों से जोर-शोर से चल रही थीं। आयोजन स्थल पर प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों का स्थानीय वैश्य समाज द्वारा पुष्पगुच्छ, साल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत वैश्य महासम्मेलन का ध्वज फहराया गया और महिलाओं द्वारा भक्तिभाव से वैश्य गान प्रस्तुत किया गया। होटल मनरतन रिसोर्ट की ओर से स्काउट गाइड दल ने मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों को ध्वजारोहण स्थल तक सम्मानपूर्वक पहुंचाया।
संगठन की मजबूती और समाज उत्थान पर वक्ताओं के विचार
सम्मेलन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल ने संगठन में स्नेह और सहयोग की भावना के साथ जुड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने “कम हो, लेकिन दम हो” का नारा देते हुए समाज को “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अग्रवाल ने कहा कि गांवों में रहने वाले वैश्य समाज के लोगों के स्वाभिमान को जगाना और निर्बल को सबल बनाना संगठन का एक प्रमुख दायित्व है।
प्रदेश महामंत्री बी.के. गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में समाज के साथ-साथ संगठन को भी समान महत्व देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वैश्य महासम्मेलन अब कई घटकों को जोड़कर एक विशाल संगठन का रूप ले चुका है। गुप्ता ने समाजजनों से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य वैश्य समुदाय के हितों की रक्षा करना और समाज में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन के मूल्यांकन का पैमाना केवल धन-संपत्ति का संग्रह नहीं, बल्कि जनहित में किए गए त्याग और सेवा से होना चाहिए।
प्रदेश महामंत्री और नर्मदापुरम संभाग प्रभारी राजीव खंडेलवाल ने संगठन के उद्भव, उद्देश्यों, आवश्यकताओं और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। वहीं, युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास डागा ने कहा कि कोई भी संगठन केवल व्यक्तियों के समूह से नहीं बनता, बल्कि उद्देश्य और विचारधारा से जुड़े समर्पित कार्यकर्ताओं से मजबूत होता है। उन्होंने एक मजबूत कार्यकारिणी और समर्पित कार्यकर्ताओं को किसी भी संगठन की प्रगति के लिए अनिवार्य बताया।
नई पीढ़ी को जोड़ने और वैश्य समाज की एकता पर बल
कार्यक्रम में केदार काका ने सभी वैश्यजनों से परस्पर समन्वय और सामंजस्य के साथ संगठित रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा ही अंततः राष्ट्रसेवा का रूप लेती है। काका ने संभागीय सम्मेलन के सार्थक परिणामों को जल्द से जल्द सामने लाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक एवं संरक्षक गिरीश भंडारी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में संगठन की मजबूती पर बल देते हुए कहा कि वैश्य समाज के सभी घटकों के बीच आपसी संबंध, एकता और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नई पीढ़ी को संगठन से जोड़ने की आवश्यकता पर विशेष रूप से बल दिया, ताकि भविष्य में संगठन की निरंतरता बनी रहे।
प्रतिभाओं का सम्मान और अतिथियों का अभिनंदन
स्वागत उद्बोधन संभाग अध्यक्ष डॉक्टर पी.के. जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। सम्मेलन के दौरान, समाज की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित कर उनके उत्साहवर्धन का प्रयास किया गया। इसके अतिरिक्त, संभाग के सभी शासकीय मनोनीत एल्डरमैन और आमंत्रित अतिथियों को शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर, प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल को सावन माह के उपलक्ष्य में भगवान भोलेनाथ की एक सुंदर शिव प्रतिमा भेंट की गई। प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान, नरसिंहगढ़ को 'मिनी कश्मीर' के रूप में दर्शाती एक स्मृति चिन्ह भी भेंट की गई।
कार्यक्रम के शुभारंभ से लेकर समापन तक पूरे समय वैश्य समाज की एकता, उत्साह और सामाजिक समरसता का माहौल देखने को मिला। स्थानीय वैश्य समाज नरसिंहगढ़ की टीम ने अतिथियों का जिस प्रकार अभिनंदन किया, वह संगठनात्मक एकता की एक मिसाल साबित हुई। कार्यक्रम के अंत में, राजगढ़ जिला अध्यक्ष के.एन. गुप्ता ने सभी आमंत्रित अतिथियों, पदाधिकारियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया।
