नरसिंहगढ़ में थप्पड़ कांड: माफी और समझौते के बाद टला सियासी घमासान
नरसिंहगढ़ के एक स्कूल कार्यक्रम में भाजपा विधायक और कांग्रेस नेताओं के बीच थप्पड़ कांड के बाद हुए सियासी घमासान के बाद दोनों पक्षों ने माफी मांगकर विवाद सुलझाया।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 26 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक और कांग्रेस नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने शनिवार को स्थानीय राजनीति में उबाल ला दिया। संदीपनी विद्यालय के लोकार्पण समारोह में प्रभारी मंत्री चेतना कश्यप की उपस्थिति में विधायक मोहन शर्मा के भाषण के दौरान हुई इस घटना ने जल्द ही राजनीतिक तनातनी का रूप ले लिया। विधायक के पुत्र द्वारा कांग्रेस नेताओं को कार्यक्रम से बाहर जाने को कहने पर मामला गरमा गया, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसी बीच, एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर कांग्रेस के जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोधिया को थप्पड़ मारे जाने की घटना ने विवाद को और बढ़ा दिया। पुलिस ने दोनों कांग्रेस नेताओं, सोधिया और उपाध्यक्ष पर्वत सिंह यादव, को सुरक्षा कारणों से थाने ले जाकर बिठाया।
इस घटना के विरोध में कांग्रेस समर्थकों ने थाने का घेराव कर दिया, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल होने के बाद नरसिंहगढ़ में तनाव का माहौल बन गया और बाजारों में भी भय व्याप्त था। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा विधायक पर कार्रवाई की मांग करते हुए बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, जिसके चलते प्रशासन सतर्क हो गया था।
बंद कमरे में हुई बातचीत और समझौते का दौर
रात भर चले राजनीतिक तनाव के बाद, रविवार सुबह जिला प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए मामले को शांत करने का प्रयास किया। नरसिंहगढ़ के एक होटल में जिला एसपी अमित तोलानी और एसडीएम दुबे की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस दो घंटे से अधिक चली बैठक में कांग्रेस की ओर से चंदर सिंह सोधिया और पर्वत सिंह यादव ने अपनी आपबीती बताई, जबकि भाजपा की ओर से विधायक मोहन शर्मा ने अपना पक्ष रखा।
बैठक का मुख्य उद्देश्य विवाद को सुलझाना और शांति बहाल करना था। अंततः, दोनों पक्षों ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने पर सहमति व्यक्त की। इस समझौते के बाद, विधायक मोहन शर्मा ने अपने निवास पर समर्थकों को संबोधित करते हुए शांति बनाए रखने की अपील की।
माफी पर कांग्रेस में मतभेद, प्रदर्शन स्थगित
समझौते के बावजूद, कांग्रेस खेमे में थोड़ी दरार देखने को मिली। पार्टी के युवा नेताओं ने जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सोधिया पर भाजपा के सामने माफी मांगने को लेकर दबाव बनाया। हालांकि, विवाद को और न बढ़ाने के हित में, सोधिया ने सार्वजनिक रूप से माफी जारी करने का निर्णय लिया और अपने समर्थकों को भी शांति बनाए रखने के लिए समझाया। कुछ समर्थकों द्वारा शहर को 'तबाह' करने की धमकी दिए जाने के बाद प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी।
एसडीएम दुबे ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत करने का प्रयास किया और पूर्व विधायक गिरीश भंडारी ने भी लोगों से संयम बरतने की अपील की। कांग्रेस नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से माफी जारी करने के बाद, पार्टी ने अपने प्रस्तावित 'जंगी प्रदर्शन' को स्थगित करने की घोषणा की। इसके साथ ही, नरसिंहगढ़ में शांति बहाल हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। इस पूरे प्रकरण ने स्थानीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है कि क्या इस तरह के समझौते विवादों को स्थायी रूप से हल कर सकते हैं या केवल तात्कालिक तनाव को कम करते हैं।
