नरसिंहगढ़ में 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान: सफाई मित्रों को प्रशिक्षण
नरसिंहगढ़ नगरपालिका ने 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान शुरू किया है। इस दौरान सफाई मित्रों को सुरक्षा और स्वच्छता के गुर सिखाए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 26 जुलाई 2026
नरसिंहगढ़ नगर पालिका परिषद ने 'स्वच्छ भारत मिशन शहरी' और 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26' के तहत शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और बीमारियों से मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में शनिवार को 'सफाई अपनाओ, बीमारी भगाओ' अभियान के तहत एक 'स्वच्छता की पाठशाला' कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के सफाई मित्रों को स्वच्छता, स्वास्थ्य सुरक्षा और कार्यस्थल पर बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
नगर पालिका परिसर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष कविता लोकेन्द्र वर्मा ने सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वीकार किया कि सफाई मित्र दिन-रात मेहनत कर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान देते हैं, और इसी कारण उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखना नगर पालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
वर्षाकाल में सुरक्षा और पीपीई किट का उपयोग अनिवार्य
अध्यक्ष वर्मा ने विशेष रूप से वर्षाकाल के दौरान सफाई कार्य करते समय बरती जाने वाली सावधानियों पर जोर दिया। उन्होंने सभी सफाई कर्मियों से अपील की कि वे अपने कार्य के दौरान अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) का उपयोग करें। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना सुरक्षा उपकरण के कोई भी कर्मचारी सफाई कार्य पर उपस्थित न हो। उनका मानना है कि सुरक्षित तरीके से कार्य करने से न केवल कर्मचारियों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा, बल्कि यह समग्र स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में भी सहायक होगा।
पीपीई किट में दस्ताने, मास्क, सुरक्षा चश्मे और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल होती है, जो सफाई कर्मियों को संभावित खतरों से बचाती है। इन उपकरणों के नियमित और सही उपयोग से संक्रामक रोगों के प्रसार को रोकने में भी मदद मिलती है, जो विशेष रूप से बारिश के मौसम में एक बड़ी चिंता का विषय बन जाता है। नगर पालिका अध्यक्ष ने इस बात पर भी जोर दिया कि व्यक्तिगत सुरक्षा ही सामूहिक स्वच्छता की दिशा में पहला कदम है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के लिए निरंतर प्रयास
नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) अभिषेक जैन ने भी सफाई व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने बताया कि 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26' में शहर की रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को मजबूत बनाने हेतु नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सीएमओ जैन ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि स्वच्छ सर्वेक्षण में केवल भौतिक स्वच्छता ही नहीं, बल्कि नागरिकों की जागरूकता और उनकी भागीदारी को भी महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि नगर पालिका विभिन्न माध्यमों से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रही है। इसमें घरों से कचरा पृथक्करण, सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ेदान का उपयोग और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने जैसी पहलें शामिल हैं।
आधार फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षण और जागरूकता
इस कार्यशाला में नगर पालिका की सहयोगी संस्था 'आधार फाउंडेशन' की टीम ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। संस्था के सदस्यों ने सफाई मित्रों को कचरा पृथक्करण, स्वच्छता के महत्व और कार्यस्थल पर सुरक्षा के विभिन्न उपायों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है, बल्कि यह एक बेहतर और कुशल कचरा प्रबंधन प्रणाली की नींव भी रखता है।
आधार फाउंडेशन के विशेषज्ञों ने सफाई मित्रों को आधुनिक कचरा प्रबंधन तकनीकों से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे कंपोस्टिंग और रीसाइक्लिंग के माध्यम से कचरे को उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है। इस प्रकार के प्रशिक्षण से सफाई कर्मियों का ज्ञानवर्धन होता है और वे अपने कार्यों को अधिक कुशलता से करने में सक्षम होते हैं, जो अंततः शहर की समग्र स्वच्छता में योगदान देता है।
नागरिकों की भागीदारी पर बल
इसके अतिरिक्त, नरसिंहगढ़ के नेहरू वाचनालय में भी एक विशेष 'स्वच्छता पाठशाला' बैठक आयोजित की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था। इस बैठक में उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। नागरिकों से यह भी आग्रह किया गया कि वे शहर को स्वच्छता रैंकिंग में आगे बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएं।
नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए, नगर पालिका ने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें 'एक दिन, एक घंटा, स्वच्छता के नाम' जैसे अभियान शामिल हैं, जहाँ स्वयंसेवक शहर की सफाई में योगदान देते हैं। साथ ही, स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को भी स्वच्छता जागरूकता अभियानों में शामिल किया जा रहा है, ताकि छोटी उम्र से ही उनमें स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
जल मंदिर घाट पर विशेष स्वच्छता अभियान
शहर की स्वच्छता को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत, नरसिंहगढ़ के जल मंदिर घाट पर सफाई मित्रों द्वारा एक विशेष सफाई अभियान भी चलाया गया। घाट परिसर की गहन सफाई की गई और उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने के महत्व का संदेश दिया गया। नगर पालिका ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जल मंदिर घाट जैसे सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये स्थान बड़ी संख्या में लोगों के आकर्षण का केंद्र होते हैं। इन जगहों की नियमित सफाई न केवल सौंदर्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संक्रमण के प्रसार को रोकने में भी सहायक होती है। नगर पालिका ने स्थानीय समुदायों से भी अपील की है कि वे इन स्थलों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
नगर पालिका अधिकारियों ने बताया कि 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26' में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए शहर में जागरूकता, प्रशिक्षण और विभिन्न प्रकार के सफाई अभियान लगातार जारी रहेंगे। इन अभियानों का उद्देश्य केवल सतही सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छ आदतों का विकास करना और शहर को एक स्वस्थ एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
कार्यशाला में स्वच्छता पर्यवेक्षक रामगोपाल बिलरवान, स्वच्छता शाखा प्रभारी देवसिंह पाल, वार्ड दरोगा खेमचंद कराड़े, मुकेश वाल्मीकि सहित नगर पालिका के अनेक सफाई कर्मचारी उपस्थित थे। सभी ने सामूहिक रूप से शहर को स्वच्छता की दौड़ में अव्वल स्थान पर लाने का संकल्प लिया और आम जनता से भी नगर पालिका के इन प्रयासों में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की।
