नरसिंहगढ़ में मालवा गरबा महोत्सव 3.0 संपन्न, सांस्कृतिक पहचान को मिली ऊर्जा
नरसिंहगढ़ में तीन दिवसीय मालवा गरबा महोत्सव 3.0 का सफल समापन। नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति से जोड़ने और स्थानीय परंपराओं को बढ़ावा देने का...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 18 अक्टूबर 2026
नरसिंहगढ़ में नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित मालवा गरबा महोत्सव 3.0 का तीसरा वर्ष सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। फायर डांस क्लास के तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन के समापन समारोह में नगर के गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं और विशिष्ट अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत किया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, बल्कि नगर की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊर्जा प्रदान की।
सांस्कृतिक विस्तार एवं नई पीढ़ी का जुड़ाव
मालवा गरबा महोत्सव की शुरुआत दो वर्ष पूर्व एक नई पहल के रूप में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य नगर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करना है। आज अपने तीसरे वर्ष में, यह आयोजन नरसिंहगढ़ में नवरात्रि उत्सव की एक विशिष्ट पहचान बन चुका है। आयोजकों का मानना है कि इस प्रयास से स्थानीय स्तर पर अन्य गरबा आयोजनों को भी बढ़ावा मिल रहा है, जिससे नवरात्रि के दौरान नगर में सांस्कृतिक उत्साह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेष रूप से, यह महोत्सव महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक सुरक्षित एवं सांस्कृतिक रूप से समृद्ध वातावरण प्रदान करता है, जहाँ वे अपनी सांस्कृतिक विरासत का आनंद ले सकती हैं।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति और आयोजक दल का योगदान
इस गरिमामयी आयोजन के समापन समारोह में महंत श्री दीपेंद्र दास खाकी, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष पवन शर्मा, मनीष चोपड़ा एवं डॉ. दीपक वर्मा सहित कई प्रमुख नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में हर्षवर्धन शर्मा ने विशेष सहयोग प्रदान किया। मालवा गरबा महोत्सव 3.0 की सफल आयोजन टीम में प्रिया शर्मा, चंचल मेवाड़े, चंद्रेश शर्मा, ऋषभ मालवीय एवं यशदीप साहू शामिल रहे। टीम के सामूहिक प्रयासों और नगरवासियों के सहयोग से यह महोत्सव भव्यता के साथ पूर्ण हुआ।
आयोजकों ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त किया है। यह आयोजन अब नरसिंहगढ़ में सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में स्थापित हो चुका है, जो भविष्य में भी इसी उत्साह के साथ जारी रहने की उम्मीद है।
