नरसिंहगढ़ में कांग्रेस के नेतृत्व में किसानों का प्रदर्शन कल, दस सूत्रीय मांगें
नरसिंहगढ़ में मंगलवार को कांग्रेस के नेतृत्व में किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। सोयाबीन बीमा, मुआवजा और बिजली कटौती जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।

संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 6 सितंबर 2026
जिला कांग्रेस कमेटी राजगढ़ ने मंगलवार को नरसिंहगढ़ में एक विधानसभा स्तरीय प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस आंदोलन के माध्यम से कांग्रेस किसानों की विभिन्न समस्याओं को उजागर करने और सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास करेगी। दोपहर 12 बजे बस स्टैंड परिसर से शुरू होने वाले इस प्रदर्शन में किसानों के लिए दस सूत्रीय मांगें रखी जाएंगी।
किसानों की मुख्य मांगों में वर्ष 2025 की सोयाबीन फसल का बीमा हर पात्र किसान को दिलाना और बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, खाद वितरण व्यवस्था में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में फसल कटाई तक बिजली बिल वसूली स्थगित करने की मांग भी उठाई जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।
सिंचाई और मुआवजे की मांगें
प्रदर्शन में नहर सिंचाई की सुविधा से वंचित गांवों को सिंचाई परियोजनाओं से जोड़ने की मांग भी शामिल है। साथ ही, सरकार से यह भी उम्मीद की जा रही है कि डूब क्षेत्र के किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि और संपत्ति के लिए उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। ये मांगें किसानों के आर्थिक और सामाजिक विकास से जुड़ी हुई हैं।
बढ़ती महंगाई पर भी उठेगी आवाज
किसानों से जुड़े मुद्दों के अलावा, प्रदर्शन में बढ़ती महंगाई पर नियंत्रण की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। कांग्रेस चाहती है कि दूध के बढ़े दामों का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचे। इसके अलावा, बस किराए में हुई वृद्धि को कम करने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उनका मानना है कि यह आंदोलन किसानों की आवाज को मजबूती से उठाने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी का यह कदम उठाया गया है, जिसमें मुख्य रूप से खेती से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्ष 2025 की सोयाबीन फसल के बीमा क्लेम को लेकर किसानों में काफी असंतोष है। पार्टी का कहना है कि बीमा राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। साथ ही, खराब मौसम और कीटों के प्रकोप से बर्बाद हुई फसलों का उचित सर्वे कराकर किसानों को तत्काल राहत पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी है।
खाद की अनुपलब्धता और वितरण प्रणाली में खामियों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। किसानों को सही समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना कृषि उत्पादन के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके अलावा, ग्रामीण इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति और कटौती ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। फसल कटाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली की कटौती से उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए, कांग्रेस ने मांग की है कि फसल कटाई तक बिजली बिलों की वसूली स्थगित रखी जाए और बिजली कटौती पर पूर्ण विराम लगाया जाए।
सिंचाई की सुविधा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर कांग्रेस ने विशेष जोर दिया है। कई गांवों को अभी भी नहर सिंचाई की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है, जिससे उनकी कृषि उत्पादकता प्रभावित होती है। पार्टी चाहती है कि इन गांवों को प्राथमिकता के आधार पर सिंचाई परियोजनाओं से जोड़ा जाए। वहीं, विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित होने वाले किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि और संपत्ति का उचित और समय पर मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। इस विसंगति को दूर करने की मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई जाएगी।
आम आदमी की कमर तोड़ती महंगाई पर भी कांग्रेस इस आंदोलन के माध्यम से आवाज उठाएगी। दूध के दामों में हुई वृद्धि का सीधा लाभ किसानों तक नहीं पहुंच रहा है, जबकि वे उत्पादन लागत बढ़ने से परेशान हैं। कांग्रेस चाहती है कि दूध के विपणन और मूल्य निर्धारण में सुधार किया जाए ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके। परिवहन व्यवस्था में भी आम आदमी को राहत देने के लिए बस किराए में हुई वृद्धि को वापस लेने की मांग की गई है। इन सभी दस सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस ने नरसिंहगढ़ विधानसभा क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और अपने कार्यकर्ताओं से भारी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया है। पार्टी का मानना है कि यह सामूहिक प्रयास किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
