नरसिंहगढ़ में एविल इंजेक्शन की अवैध बिक्री रोकी, एक मेडिकल स्टोर 15 दिन के लिए सीज
नरसिंहगढ़ में नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और ड्रग्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। दांगी मेडिकल स्टोर को 15 दिनों के लिए सीज कर दिया गया है।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 30 जुलाई 2026
नरसिंहगढ़ पुलिस ने नशे के बढ़ते कारोबार पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। थाना प्रभारी गूंजा मैडम और ड्रग्स इंस्पेक्टर दिलीप सक्सेना के नेतृत्व में चंपी मोहल्ला स्थित दांगी मेडिकल स्टोर को 15 दिनों के लिए सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई एविल इंजेक्शन की अवैध बिक्री और दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से की गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से नरसिंहगढ़ शहर नशे की गिरफ्त में आ रहा था। विशेष रूप से एविल इंजेक्शन, जो कि एक शेड्यूल एच ड्रग है, बिना डॉक्टर के पर्चे के खुलेआम बेचा जा रहा था। इस दवा का दुरुपयोग नशे के लिए किया जा रहा था, जिससे युवा पीढ़ी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही थी।
नशे के सौदागरों पर कार्रवाई का असर
थाना प्रभारी गूंजा मैडम ने बताया कि यह कार्रवाई 'नशे से दूरी जरूरी है' अभियान के तहत की गई है। जांच के दौरान यह पाया गया कि मेडिकल स्टोर द्वारा नियमों का उल्लंघन कर एविल इंजेक्शन और अन्य प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जा रही थी। इन दवाओं का नशे के आदी लोग अकेले या अन्य नशीले पदार्थों के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि नशे का असर तीव्र हो सके।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, एविल इंजेक्शन और इसी तरह की अन्य दवाओं का अत्यधिक सेवन नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। नशे के इस कारोबार का सामाजिक और पारिवारिक जीवन पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, जहां हंसते-खेलते परिवार भारी संकट में घिर रहे हैं।
जनता में भय और प्रशासन की सख्ती
इस कार्रवाई के बाद से नशे का कारोबार करने वालों में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है और नशे के खिलाफ सख्ती जारी रखने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि शहर को नशे के दलदल से बाहर निकाला जा सके। एविल इंजेक्शन का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह और पर्चे पर ही होना चाहिए, क्योंकि इसके दुरुपयोग के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
