नरसिंहगढ़ में बलबटपुरा तिराहा अब राजमाता अहिल्याबाई के नाम
नरसिंहगढ़ में 9 सितंबर को धनगर-पाल समाज के विशाल सम्मेलन में बलबटपुरा तिराहे का नाम बदलकर राजमाता अहिल्याबाई तिराहा किया गया। समाज के विकास हेतु...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 14 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में 9 सितंबर को धनगर-पाल समाज द्वारा आयोजित एक विशाल सामाजिक सम्मेलन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस आयोजन के दौरान, वार्ड क्रमांक 15 में स्थित बलबटपुरा तिराहे का नाम परिवर्तित कर 'राजमाता अहिल्याबाई तिराहा' कर दिया गया। इस नामकरण का औपचारिक लोकार्पण समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा किया गया, जिसने स्थानीय समुदाय के बीच उत्साह का संचार किया।
अखिल भारतीय पाल महासभा के तत्वावधान में संपन्न हुए इस गरिमामय समारोह में जिले भर से समाजबंधुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष शैतान सिंह पाल ने की, जबकि राज्य मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पंवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। नरसिंहगढ़ विधायक मोहन शर्मा के प्रयासों से यह नाम परिवर्तन संभव हुआ। इस अवसर पर लोकमाता अहिल्या देवी के लोककल्याणकारी कार्यों को स्मरण किया गया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
समाज के विकास हेतु महत्वपूर्ण घोषणाएं
सम्मेलन के दौरान धनगर-पाल समाज के उत्थान और विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। राज्य मंत्री नारायण सिंह पंवार ने अहिल्या पार्क के निर्माण और उसमें लोकमाता अहिल्या देवी की प्रतिमा स्थापित करने की योजना की जानकारी दी। वहीं, मंत्री गौतम टेटवाल ने इंदौर-सारंगपुर तिराहे का नाम देवी अहिल्या तिराहा करने तथा वहाँ भी प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। इन पहलों का उद्देश्य समाज की प्रेरणा स्रोत को सशक्त करना है।
कौशल विकास और शिक्षा पर जोर
युवाओं के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से सारंगपुर में 'अहिल्या देवी स्किल ट्रेनिंग सेंटर' की स्थापना का निर्णय लिया गया। यह केंद्र युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसके अतिरिक्त, अजय पाल की स्मृति में प्रतिमा स्थापित करने और समाज की धर्मशाला के निर्माण की प्रक्रिया को गति देने पर भी सहमति बनी, जो सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संवर्धन को बढ़ावा देगा।
अखिल भारतीय पाल महासभा के जिलाध्यक्ष इंजीनियर सुनील धनगर ने सम्मेलन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अतिथियों और समाज के सभी वर्गों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह एकजुटता शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के लिए नए रास्ते खोलेगी। कार्यक्रम का समापन समाज की संगठनात्मक शक्ति को और अधिक मजबूत बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जो भविष्य में समाज की प्रगति के लिए एक ठोस आधार प्रदान करेगा।
