नरसिंहगढ़ में 26 अगस्त को 12 ज्योतिर्लिंग पूजन का भव्य आयोजन
नरसिंहगढ़ के चोपड़ा हनुमान मंदिर में 26 अगस्त को पार्थिव शिवलिंग निर्माण व 12 ज्योतिर्लिंगों का पूजन होगा। सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे महाआरती और 1 बजे विसर्जन होगा।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 23 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में स्थित चोपड़ा हनुमान मंदिर में आगामी 26 अगस्त, बुधवार को एक विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। इस अवसर पर पार्थिव शिवलिंग निर्माण के साथ-साथ 12 ज्योतिर्लिंगों का भव्य पूजन एवं अभिषेक किया जाएगा। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत सुबह 9 बजे से होगी, जिसमें पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, उनका अभिषेक और फिर हवन किया जाएगा। पंडित सुरेश शास्त्री के कुशल मार्गदर्शन में यह संपूर्ण प्रक्रिया संपन्न होगी। आयोजन में पचोर, ब्यावरा और भोपाल जैसे विभिन्न शहरों से यजमान भाग लेंगे, जो इस पवित्र कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समुदाय को एक साथ लाता है और साझा आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ावा देता है।
पार्थिव शिवलिंग निर्माण की तैयारियां
इस भव्य आयोजन की तैयारियाँ पिछले एक माह से चल रही हैं। स्थानीय महिला मंडल द्वारा प्रतिदिन पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न यजमानों द्वारा नियमित रूप से अभिषेक की परंपरा निभाई जा रही है। यह निरंतर प्रयास 26 अगस्त को होने वाले मुख्य अनुष्ठान के समापन की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। पार्थिव शिवलिंग, जो मिट्टी या अन्य प्राकृतिक सामग्री से बने होते हैं, विशेष पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत पवित्र माने जाते हैं। इन शिवलिंगों के निर्माण में समर्पण और भक्ति भाव निहित होता है, जो उन्हें विशेष बनाता है।
महिला मंडल की सदस्यगण दिन-रात मेहनत कर रही हैं, ताकि 26 अगस्त को होने वाले मुख्य पूजन के लिए पर्याप्त संख्या में शिवलिंग तैयार हो सकें। प्रतिदिन अलग-अलग यजमानों की देखरेख में शिवलिंग निर्माण और अभिषेक का कार्य संपन्न होता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक भक्त की भागीदारी संभव हो। यह सामूहिक प्रयास आयोजन की सफलता के प्रति आयोजकों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
12 ज्योतिर्लिंग पूजन का महत्व
यह आयोजन विशेष रूप से 12 ज्योतिर्लिंगों के पूजन पर केंद्रित है। हिंदू धर्म में, 12 ज्योतिर्लिंगों को भगवान शिव के सबसे पवित्र और शक्तिशाली स्वरूपों में से एक माना जाता है। इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजन को अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। पार्थिव शिवलिंगों के माध्यम से इन 12 ज्योतिर्लिंगों का आवाहन और पूजन करना भक्तों के लिए एक दुर्लभ अवसर है। इस पूजन से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
पंडित सुरेश शास्त्री, जो इस धार्मिक अनुष्ठान का मार्गदर्शन कर रहे हैं, ने बताया कि यह आयोजन अत्यंत विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्थिव शिवलिंगों के पूजन का विशेष महत्व है क्योंकि यह प्रकृति से जुड़ने और ईश्वर की शक्ति का अनुभव करने का एक माध्यम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 12 ज्योतिर्लिंगों के पूजन की प्रक्रिया अत्यंत सावधानी और श्रद्धा के साथ की जाएगी।
कार्यक्रम का समापन और श्रद्धालुओं से अपील
दिन के कार्यक्रम का समापन दोपहर 12 बजे महाआरती के साथ होगा। इसके उपरांत, दोपहर 1 बजे पार्थिव शिवलिंगों एवं निर्मित 12 ज्योतिर्लिंगों का विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन की प्रक्रिया भी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार की जाएगी। आयोजकों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस पुण्य कार्य में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भाग लेने की हार्दिक अपील की है, ताकि इस धार्मिक आयोजन की शोभा बढ़ाई जा सके।
यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय में एकता और भक्ति की भावना को भी मजबूत करता है। चोपड़ा हनुमान मंदिर, जो पहले से ही एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, इस आयोजन के माध्यम से और भी अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं ताकि सभी आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
