नरसिंहगढ़ महाविद्यालय में राष्ट्रीय खेल दिवस: अनुशासन, नेतृत्व और संघर्ष की भावना पर जोर
शासकीय महाविद्यालय नरसिंहगढ़ में राष्ट्रीय खेल दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्राचार्य डॉ. मुकेश भानेरिया के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व और संघर्ष की भावना के विकास पर बल दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 29 अगस्त 2026
शासकीय महाविद्यालय नरसिंहगढ़ में शनिवार, 29 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। प्राचार्य डॉ. मुकेश भानेरिया के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और एनसीसी कैडेट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 4 एम.पी. बटालियन के आर्मी स्टाफ श्री अखिलेश जी मिश्रा रहे। कार्यक्रम का संचालन लेफ्टिनेंट डॉ. दिलीप कुमार गोस्वामी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खेलों से विकसित होती हैं नेतृत्व और अनुशासन की क्षमता
डॉ. दीपक शाक्यवार, श्री गिरीश शर्मा, श्री संतोष पाठक, श्री नीरज बागड़े और श्री निकेश साहू जैसे वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और संघर्षशीलता जैसे गुणों का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि खेल जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं।
मुख्य अतिथि श्री अखिलेश जी मिश्रा ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि खेल व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती भी प्रदान करते हैं।
मेजर ध्यानचंद को किया गया स्मरण
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के जीवन, उनकी उपलब्धियों और देश के प्रति उनके अमूल्य योगदान को स्मरण किया गया। वक्ताओं ने मेजर ध्यानचंद को युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बताया और उनकी खेल भावना तथा राष्ट्रप्रेम से सीख लेने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मुकेश भानेरिया ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को खेलकूद और शैक्षणिक गतिविधियों में समान रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शशि किरण भगत ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
