नरसिंहगढ़ बिजली घर में मां शेरावाली की भव्य आराधना, महानवमी पर महाआरती की तैयारी
नरसिंहगढ़ के बिजली विभाग परिसर में स्थित 45 वर्ष पुराने मां शेरावाली मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर आस्था का संगम है। महानवमी पर विशेष महाआरती...

नरसिंहगढ़ | संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 14 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश के नरसिंहगढ़ में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बिजली विभाग परिसर में स्थित मां शेरावाली का प्राचीन मंदिर आस्था का एक प्रमुख केंद्र बन गया है। 45 वर्षों से अधिक पुराने इस मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। लाल वस्त्रों और चुनरी से सुसज्जित मां शेरावाली की प्रतिमा भक्तों के आकर्षण का विशेष केंद्र है। यह मंदिर स्थानीय निवासियों के लिए न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि सामुदायिक जुड़ाव का भी एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है, जहाँ वर्षभर विभिन्न उत्सव और धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।
शाम 7:30 बजे होने वाली दैनिक आरती में बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासी भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। आरती के उपरांत भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाता है। नवरात्रि के इन दिनों में मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया है। विशेष रूप से गेंदे के फूलों की मालाओं और झालरों का उपयोग वातावरण को और अधिक पवित्र और आनंदमय बना रहा है।
महानवमी पर महाआरती की भव्य तैयारियां
मंदिर समिति वर्तमान में नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर आयोजित होने वाली विशेष महाआरती की तैयारियों में जुटी हुई है। इस महाआरती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर के सहयोगी बनवारी मालवीय, महेंद्र और अरुण वैष्णव, पुजारी सागर शर्मा के साथ मिलकर उत्सव की व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। इन तैयारियों में भक्तों के लिए बैठने की व्यवस्था, प्रसाद वितरण की योजना और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर समिति ने नगर के सभी सनातनी बंधुओं और श्रद्धालुओं से इस भव्य महाआरती में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आह्वान किया है। यह महाआरती वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है।
दशकों से भक्तगण अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मां शेरावाली के दरबार में शीश नवाते आए हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर का गर्भगृह विशेष आभूषणों और श्रृंगार से अलंकृत किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक विस्मयकारी अनुभव प्रदान कर रहा है। माँ की प्रतिमा को आधुनिक और पारंपरिक आभूषणों से सजाया गया है, जो भक्तों को आकर्षित कर रहा है। माँ के इस भव्य स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु नरसिंहगढ़ पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में नवरात्रि के नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें भजन-कीर्तन और प्रवचन शामिल हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।
