BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

नरसिंहगढ़: बैजनाथ महादेव मंदिर की 156 सीढ़ियां 5500 दीपों से जगमगाईं

नरसिंहगढ़ के बैजनाथ महादेव मंदिर में सातवें दीपोत्सव पर 156 सीढ़ियों को 5500 दीपों से सजाया गया। आयोजक अगले वर्ष 11 हजार दीप जलाने का लक्ष्य रखते हैं।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
नरसिंहगढ़: बैजनाथ महादेव मंदिर की 156 सीढ़ियां 5500 दीपों से जगमगाईं

द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 1 सितंबर 2026

राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में स्थित बाबा बैजनाथ महादेव मंदिर ने भादों कृष्ण पक्ष की कजरी तीज के अवसर पर सोमवार रात अपने सातवें दीपोत्सव का भव्य आयोजन किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के तहत, मंदिर की 156 सीढ़ियों को कुल 5500 दीपों से सजाया गया, जिसने पूरे परिसर को एक अलौकिक प्रकाश से सराबोर कर दिया। मातृशक्ति सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भक्ति भाव से दीप प्रज्वलित कर भगवान बैजनाथ महादेव के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की।

सोमवार शाम से ही मंदिर की सीढ़ियों पर दीपों को व्यवस्थित कर उन्हें प्रज्वलित करने का कार्य आरंभ हो गया था। जैसे-जैसे अंधेरा गहराता गया, हजारों दीपों से रोशन हुई सीढ़ियों का दृश्य अत्यंत मनमोहक और विहंगम प्रतीत हो रहा था, जो श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा अनुभव लेकर आया।

सात वर्षों में दीपोत्सव का विस्तार

बैजनाथ महादेव मंदिर में दीपोत्सव का आयोजन पिछले सात वर्षों से लगातार किया जा रहा है। इस परंपरा की शुरुआत मात्र 1100 दीपों से हुई थी, जो समय के साथ बढ़ती गई। पिछले वर्षों में दीपों की संख्या में वृद्धि देखी गई, जिसमें 2100, 3100, 4100 और 5100 दीपों तक की संख्या शामिल है। इस वर्ष 5500 दीपों को प्रज्वलित करने के साथ, आयोजन ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मंदिर प्रबंधन और आयोजकों ने दीपोत्सव को और भी भव्य बनाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। उन्होंने अगले वर्ष इस आयोजन में 11 हजार दीप प्रज्वलित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे यह उत्सव और भी अधिक प्रकाशमान और आकर्षक बन सके।

धार्मिकता, एकता और पहचान का संगम

आयोजकों के अनुसार, इस दीपोत्सव का मुख्य उद्देश्य न केवल हिंदू धर्म और उसकी प्राचीन परंपराओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक आस्था को मजबूत करना भी है। भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का यह आयोजन अब नरसिंहगढ़ की पहचान का एक अभिन्न अंग बन गया है। यह श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र है और प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है, जो इसे आस्था और सामाजिक जुड़ाव का एक जीवंत प्रतीक बनाते हैं।