नरसिंहगढ़ अस्पताल बनेगा डिजिटलीकरण पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा
स्वास्थ्य आयुक्त ने नरसिंहगढ़ अस्पताल का निरीक्षण कर इसे डिजिटलीकरण पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने की घोषणा की। आगामी तीन माह में प्रदेश के सभी शासकीय अस्पताल डिजिटल होंगे।

द क्लिफ न्यूज़ | राजगढ़ | 7 अगस्त 2026
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वास्थ्य आयुक्त श्री धनराजू एस ने राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ अस्पताल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किए जा रहे अस्पताल डिजिटलीकरण के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने की घोषणा की है। यह निर्णय शुक्रवार को नरसिंहगढ़ अस्पताल और नवीन जिला अस्पताल राजगढ़ के निरीक्षण के दौरान लिया गया।
निरीक्षण के दौरान, स्वास्थ्य आयुक्त ने नरसिंहगढ़ अस्पताल के विभिन्न अनुभागों का बारीकी से अवलोकन किया, जिसमें ऑपरेशन थियेटर, विभिन्न वार्ड, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NRC), दवा वितरण केंद्र, प्रसूति वार्ड और हब एंड स्पोक मॉडल के तहत संचालित पैथोलॉजी प्रयोगशाला शामिल हैं। उन्होंने आभा (आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता) आईडी के उपयोग, रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्थाओं और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए।
डिजिटलीकरण से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लक्ष्य
नरसिंहगढ़ अस्पताल के अधीक्षक डॉ. गौरव त्रिपाठी द्वारा ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) डिजिटाइजेशन की प्रगति के बारे में जानकारी दिए जाने पर स्वास्थ्य आयुक्त श्री धनराजू एस ने अस्पताल की इस पहल को सराहा और इसे पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने का ऐलान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश के सभी अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से डिजिटल किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को अधिक त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
तीन माह में सभी शासकीय अस्पताल होंगे डिजिटल
स्वास्थ्य आयुक्त ने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि आगामी तीन माह के भीतर प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों को डिजिटल करने की दिशा में कार्य तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया के तहत, ओपीडी पंजीकरण को आभा आईडी से जोड़ा जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी मरीज का पूरा उपचार इतिहास, जांच रिपोर्ट और दवाओं का विवरण देश के किसी भी शासकीय अस्पताल में ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उपचार प्रक्रिया में सुगमता आएगी।
डिजिटल रिकॉर्ड के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए, चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आवश्यक लैपटॉप और टैबलेट भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे नई तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों तक दवाओं की सीधी आपूर्ति
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए, प्रदेश में उप स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक आवश्यक दवाओं की सीधी आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी मरीजों को समय पर जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हो सकें, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
जिला अस्पताल राजगढ़ के निरीक्षण के दौरान, स्वास्थ्य आयुक्त ने स्वयं मरीजों से बातचीत कर उनके उपचार और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रसूति वार्ड सहित विभिन्न इकाइयों का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को परखा। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, मुख्य चिकित्सा एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शोभा पटेल, सिविल सर्जन डॉ. रजनीश शर्मा और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
