नरसिंह मंदिर तट पर 5000 दीयों से जगमगाया परिसर, सेवा संकल्प का संदेश
नरसिंहपुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत नरसिंह मंदिर तट पर 5000 आटे के दीये जलाए गए। मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ...

Narsihpur | संवाददाता: आशीष नेमा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहपुर | 17 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' के अंतर्गत नरसिंहपुर के ऐतिहासिक नरसिंह मंदिर परिसर में एक विशेष 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंदिर के तट पर पाँच हज़ार आटे के दीपक प्रज्ज्वलित किए गए, जिससे पूरा परिसर अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा। यह आयोजन स्थानीय नागरिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम विभाग मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने दीप प्रज्ज्वलित कर इसकी भव्य शुरुआत की। उन्होंने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित जनसमूह के साथ मिलकर सेवा, स्वच्छता और सामाजिक सहभागिता का संदेश साझा किया। इस अवसर पर 'सेवा संकल्प अभियान' की भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।
पारंपरिक दीपों से सजी शाम
इस आयोजन की एक अनूठी विशेषता यहाँ जलाए गए आटे के पारंपरिक दीपक थे। स्थानीय स्तर पर निर्मित इन दीपों ने न केवल कार्यक्रम को एक विशिष्ट पहचान दी, बल्कि पारंपरिक कला और स्थानीय लोगों की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया। मंदिर तट पर दीपों की कतारें एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल, महंत प्रीतम पुरी गोस्वामी और रामसनेही पाठक सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीप जलाकर सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
नरसिंह मंदिर तट पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल रोशनी का उत्सव नहीं था, बल्कि इसने पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रमुखता से उजागर किया। जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत जारी विभिन्न गतिविधियों के बीच, यह आयोजन नागरिक सहभागिता का एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। दीपों की दिव्य रोशनी और सेवा के संकल्प के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ।
