नपाध्यक्ष और सीएमओ ने सुनीं जनसमस्याएं, तत्काल निराकरण के निर्देश
नर्मदापुरम में जनसुनवाई में नपाध्यक्ष व सीएमओ ने जनसमस्याएं सुनीं। पीएम आवास, समग्र आईडी, पेयजल व पेंशन संबंधी आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | 30 जुलाई 2026
नर्मदापुरम में प्रत्येक गुरुवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हो रही है। गुरुवार को नगर पालिका अध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) वैभव देशमुख ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर नागरिकों के आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम जोड़ने, समग्र आईडी में नाम सही कराने, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, पेंशन चालू कराने और राशन कार्ड समर्पण करने जैसे विभिन्न मुद्दों पर नागरिकों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किए गए।
जनसुनवाई के दौरान, अधिकारियों ने प्राप्त आवेदनों की गंभीरता को समझते हुए उनके तत्काल निराकरण पर जोर दिया। कई मामलों में, समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे आवेदक संतुष्ट होकर लौटे। नपाध्यक्ष नीतू महेंद्र यादव ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जनसुनवाई में आने वाले प्रत्येक आवेदक की समस्या का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान की जाए।
अधिकारियों को मिले त्वरित कार्रवाई के निर्देश
कार्यालय अधीक्षक योगेश सोनी ने बताया कि नपाध्यक्ष और सीएमओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनसुनवाई में प्राप्त होने वाले आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुगमता से मिल सके। विशेष रूप से, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के इच्छुक लोगों के नाम सूची में शामिल करने और समग्र आईडी में त्रुटियों को सुधारने के आवेदनों पर त्वरित ध्यान दिया जा रहा है।
इस जनसुनवाई में उपयंत्री दीक्षा तिवारी, मुकेश जैन, आयुषी रिछारिया, स्वच्छ भारत अभियान के नोडल अधिकारी अनुराग तिवारी, तथा पार्षदगण दुर्गेश चौधरी, नरेंद्र पटेल, बिंदिया मांझी, दीपिका कुलदीप राठौर, और कंचन सेट्टी चौकसे सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का एक साथ समाधान किया जा सके।
